Washim News: आगामी खरीफ सीजन की पृष्ठभूमि पर कृषि विभाग द्वारा नियोजन शुरू किया गया है. किसान गर्मियों के कामों में व्यस्त रहते हुए खरीफ की आवश्यक तैयारी भी कर रहे हैं. इस बार खरीफ सीजन के लिए कुल 1,46,733 मी.टन खाद की मांग दर्ज की गई है. किसानों को खाद की कमी न हो, इसके लिए कृषि विभाग द्वारा आवश्यक उपाय योजना की जा रही है. खरीफ सीजन में कपास, सोयाबीन, तुअर, मूंग, उड़द जैसी प्रमुख फसलों के साथ ज्वार, मक्का, तीली और मूंगफली की बुआई का नियोजन किया गया है.
इन फसलों के लिए बड़ी मात्रा में खाद और बीज की आवश्यकता रहने से वरिष्ठ स्तर पर पर्याप्त स्टॉक की मांग की गई है. पिछले वर्ष प्रतिकूल मौसम और कृषि मालों को कम दर मिलने से किसानों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था. साथ ही खाद, बीज और अन्य कृषि सामग्री की बढ़ी हुई कीमतों से किसानों की दिक्कतें और बढ़ गई थीं.
पाइंटरसभी प्रकार के खाद मिलेंगेकृषि विभाग के अनुसार इस वर्ष यूरिया, डीएपी, एमओपी, एसएसपी और संयुक्त खाद का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराने का नियोजन है. मार्च अंत तक जिले के खाद विक्रेताओं के पास 34,730 मी.टन खाद बचा हुआ है. इसमें सभी प्रकार के खाद शामिल हैं.
पिछले दो दिनों में जिले में अतिरिक्त 2,500 मी.टन यूरिया का स्टॉक भी आया है. खादवार मांगखादमी.टनयूरिया 26,513 डीएपी 20,100 एमओपी 10,540 एसएसपी 13,000 संयुक्त खाद 68,620 कोटपर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होगी खाद.
इस संदर्भ में कृषि विकास अधिकारी अभिजीत देवगिरकर ने कहा कि इस वर्ष खरीफ सीजन के लिए किसानों को पर्याप्त मात्रा में रासायनिक खाद उपलब्ध कराया जाएगा. खाद की आपूर्ति शुरू हो चुकी है और बीज की बिक्री मई माह से शुरू होगी. किसानों को खाद और बीज की कोई किल्लत न हो, इसके लिए नियोजन किया गया है. उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे चिंता न करें.