Akola News: गुरु श्री तेग बहादुर साहब के अतुलनीय शौर्य, संघर्ष और बलिदान का जाज्वल्य इतिहास अकोला में रंगमंच पर जीवंत हुआ. महाराष्ट्र राज्य सांस्कृतिक कार्य संचालनालय के वती से हिंददीचादर नाट्यप्रयोग का आयोजन प्रमिलाताई ओक नाट्यगृह में किया गया.
यह आयोजन गुरु तेग बहादुर साहब जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ के उपलक्ष्य में हुआ. नाटक की शुरुआत दीपप्रज्वलन और गुरु तेग बहादुर साहब की प्रतिमा पूजन से हुई. इस अवसर पर ज्येष्ठ रंगकर्मी प्रमोद पवार, प्रसिद्ध नाट्यलेखक अरविंद विश्वनाथ, मधु जाधव, गुरुमितसिंग गोसल, सुरजीतसिंग अकाली सहित अनेक मान्यवर उपस्थित थे.
नाट्यप्रयोग में गुरु तेग बहादुर साहब के प्रेरणादायी जीवन का पट रंगभूमि पर साकार किया गया. दर्शकों ने उनके शौर्य, पराक्रम, संघर्ष और बलिदान की कथा का अनुभव किया. साहब ने धर्मस्वातंत्र्य, मानवता और सहिष्णुता के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया.
इसी कारण उन्हें हिंददीचादर अर्थात हिंदुस्थान की रक्षा करने वाली ढाल कहा जाता है. इस नाटक का लेखन और निर्देशक प्रमोद पवार ने किया. महेश कोकाटे काज़ी, अरुण पालव शहाजी, गौरी शेवडे प्राध्यापक, डॉ. राजू पाटोदकर औरंगजेब, विशाल मोरे, मनोज नटे, सनी सिंह, गायक तेज गिल, सचिन नवरे और शिवाजी रेडेकर ने अपने दमदार अभिनय से इतिहास को जीवंत कर दिया.
लगभग 60 कलाकार और तंत्रज्ञों के सहयोग से यह महानाट्य साकार हुआ. नेपथ्य, अभिनय और सादरीकरण इतना प्रभावी था कि दर्शकों को ऐतिहासिक कालखंड का सजीव अनुभव प्राप्त हुआ. अकोला के रसिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और इस नाट्यप्रयोग का आनंद लिया.