Akola News: पातुर तहसील के भंडारज बुद्रुक गांव के युवा और उच्चशिक्षित किसान ओम अमानकर द्वारा लिया गया कठोर निर्णय इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है.छह वर्ष पूर्व उन्होंने छह एकड़ क्षेत्र में लगभग साढ़े तीन हजार अमरुद के पौधों की बाग लगायी थी.
आधुनिक तकनीक, उचित प्रबंधन और सतत देखभाल से उन्होंने बाग का अच्छी तरह से पोषण भी किया और उत्पादन भी संतोषजनक मिला.लेकिन बाजार में अमरुद को अपेक्षित दर न मिलने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा.कई बार अमरुद का भाव 10 रुपये प्रति किलो से भी कम मिला.
उत्पादन खर्च लगातार बढ़ता गया, जबकि बिक्री दर अत्यंत कम रहा.इस कारण खर्च भी निकलना मुश्किल हो गया और खेती करना कठिन हो गया.अंततः ओम अमानकर ने पूरी बाग को जेसीबी की मदद से हटाने का निर्णय लिया.
किसानों में चिंता, सरकार से गारंटी दाम की मांग इस घटना से क्षेत्र के किसानों में चिंता व्यक्त की जा रही है.बागवानी फसलों के लिए गारंटी मूल्य, बाजार व्यवस्था और किसानों को उचित आर्थिक आधार देने की आवश्यकता स्पष्ट रूप से सामने आई है.किसानों का कहना है कि यदि सरकार ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए, तो कई अन्य किसान भी इसी तरह की परिस्थितियों में फंस जाएंगे.
ओम अमानकर, युवा किसान, भंडारज बुद्रुक ने कहा कि सरकार उपज को उचित भाव दिलाएं आधुनिक पद्धति से अमरुद की खेती कर अच्छा उत्पादन लिया, लेकिन बाजार में उचित दर नहीं मिला. छह वर्षों तक लगातार नुकसान सहना पड़ा. अंततः निराश होकर बाग हटाने का निर्णय लिया. सरकार को चाहिए कि किसानों की उपज को उचित भाव दिलाने के लिए ठोस उपाय करे, अन्यथा अनेक किसान इसी स्थिति में आ जाएंगे.