Akola News: अकोला शहर में संपत्ति कर बढ़ने की शिकायतों के बीच मनपा ने कचरा घंटा गाड़ी शुल्क को सीधे संपत्ति कर में शामिल करने का निर्णय लिया है. सोमवार को होने वाली विशेष सर्वसाधारण सभा में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की संभावना है.
अब तक नागरिकों को कचरा घंटा गाड़ी सेवा के लिए हर माह 50 रु. अलग से देने पड़ते थे, जो ठेकेदारों के पास जाते थे. मनपा भी ठेकेदारों को प्रतिमाह 27 लाख रुपये देती है.
अन्य नगरपालिकाओं में यह सेवा निशुल्क है, इसलिए कांग्रेस, वीबीए और शिवसेना यूबीटी के पार्षदों ने अकोला में भी इसे निशुल्क करने की मांग की थी. लेकिन सत्ताधारी गुट ने यह मांग न केवल खारिज कर दी, बल्कि शुल्क को संपत्ति कर में जोड़ने का निर्णय लिया है.
अब नागरिकों को चाहे वे घंटा गाड़ी में कचरा डालें या न डालें, सालाना 600 रुपये देने होंगे. मनपा पहले से ही सामान्य कर, सड़क कर, मलजल कर, अग्निशमन कर, जल कर, शिक्षा कर, वृक्ष कर, रोजगार उपकर आदि वसूलती है. अब इसमें कचरा घंटा गाड़ी सेवा कर भी जुड़ जाएगा. इस निर्णय से ठेकेदारों को सीधा लाभ होने की संभावना जताई जा रही है.