अकोला में भक्ति और उत्साह के साथ पहुंची संत गजानन महाराज की पालकी, श्रद्धालुओं ने किया भव्य स्वागत
Gajanan Maharaj Palkhi: संत गजानन महाराज की पालकी आषाढ़ी एकादशी महोत्सव के लिए पंढरपुर जाते हुए अकोला पहुंची। 700 वारकरियों, भजन-कीर्तन, पुष्पवर्षा के साथ पूरे शहर में भक्तिमय माहौल देखने को मिला।
Palkhi Yatra (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Akola Palkhi Yatra: भक्ति और उत्साह के बीच शहर में पहुंची भक्ति और उत्साह के बीच शहर में पहुंची गजानन महाराज की पालकी700 वारकरियों के साथ पंढरपुर यात्रा का भव्य स्वागतअकोला, ब्यूरो। आषाढ़ी एकादशी महोत्सव के लिए पंढरपुर की ओर प्रस्थान कर चुकी संत गजानन महाराज की पालकी का मंगलवार को अकोला शहर में भव्य एवं श्रद्धामय वातावरण में स्वागत किया गया। भक्तिभावना से ओतप्रोत श्रद्धालुओं ने पालकी के दर्शन कर अपने आपको धन्य माना।
शहर में जगह-जगह पालकी का स्वागत, पुष्पवर्षा, आतिशबाजी और प्रसाद वितरण के कार्यक्रम आयोजित किए गए। 57वें वर्ष में प्रवेश कर चुका यह पालकी समारोह नागझरी, गायगांव और भौरद होते हुए मंगलवार सुबह डाबकी रोड मार्ग से अकोला में प्रवेश किया। पालकी के साथ 700 वारकरी, 200 से अधिक पताकाएं, दिंडी, टालमृदंग तथा ढोल ताशों का समावेश रहा।
आषाढ़ी वारी का उत्साह चरम पर
पालकी के शहर में प्रवेश करते ही रेलवे गेट क्षेत्र में श्रद्धालुओं ने आतिशबाजी कर स्वागत किया। दर्शन के लिए बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा और बुजुर्ग उमड़ पड़े। पालकी के निर्धारित मार्ग पर विभिन्न सामाजिक संस्थाओं, व्यापारिक संगठनों और श्रद्धालुओं ने स्वागत द्वार सजाए थे। वारकरियों को शीतल जल, शरबत, मट्ठा, केले, बिस्कुट तथा अन्य खाद्य सामग्री वितरित की गई।
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कई स्थानों पर यात्रा में उपयोगी सामग्री जैसे साबुन, तेल और अन्य आवश्यक वस्तुएं भी प्रदान की गईं। जगह-जगह हुआ स्वागतरेलवे गेट से डाबकी रोड मार्ग पर स्थित नाना मंगलम परिसर में नाना उजवणे परिवार की ओर से पालकी का विशेष स्वागत किया गया। महात्मा गांधी रोड पर खंडेलवाल अलंकार केंद्र के सामने खंडेलवाल परिवार द्वारा पालकी की पूजा अर्चना की गयी और शीतल पेय का वितरण किया गया।
जयघोष से गूंजा शहर
इस अवसर पर पुष्पादेवी खंडेलवाल, सोनाली खंडेलवाल, विवान खंडेलवाल इसी तरह उद्योगपति रामप्रकाश मिश्रा, सुनील पसारी, अश्विन लोहिया, एड।सुशील शर्मा, प्रमोद खंडेलवाल, राजकुमार वर्मा, अरुण खेतान आदि उपस्थित थे। रंगोलियों और सजावट ने बढ़ाई शोभापालकी मार्ग पर महिलाओं और युवाओं द्वारा आकर्षक रंगोलियां बनाई गई थीं। कई स्थानों पर संतों और महाराज की प्रतिमाओं तथा धार्मिक झांकियों की सुंदर सजावट की गई थी।
700 वारकरियों के साथ अकोला पहुंची गजानन महाराज पालकी
मार्गभर श्रद्धालुओं ने चाय, फलाहार, लस्सी और अन्य खाद्य सामग्री का वितरण कर सेवा भाव का परिचय दिया। भजनों से गूंजा डाबकी मार्गराजकमल होटल के समीप गुरुदेव सेवा मंडल की ओर से भजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। सुबह से ही भजनकीर्तन के मधुर स्वर वातावरण को भक्तिमय बना रहे थे। यहां भी श्रद्धालुओं और वारकरियों को प्रसाद वितरित किया गया।
कड़ा पुलिस बंदोबस्त
पालकी यात्रा के दौरान नागझरी से पातुर घाट तक व्यापक पुलिस सुरक्षा व्यवस्था तैनात की गई है। पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक के मार्गदर्शन में पुलिस अधिकारी, महिला पुलिस, यातायात पुलिस और विशेष वाहन सुरक्षा व्यवस्था में शामिल हैं।
