

Akola Drinking Water Action Plan: संभावित अल नीनो प्रभाव और वर्षा की अनिश्चितता को देखते हुए इस वर्ष पहली बार जुलाई से सितंबर 2026 की अवधि के लिए विशेष जल संकट (पेयजल) कार्ययोजना तैयार की जा रही है। अकोला जिले की सभी 7 पंचायत समितियों ने अपने-अपने क्षेत्र के प्रस्ताव जिला परिषद के ग्रामीण जलापूर्ति विभाग को भेज दिए हैं। इन प्रस्तावों का परीक्षण करने के बाद जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनय नावंदर जल्द ही अंतिम रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेंगे।
राज्य सरकार के जलापूर्ति एवं स्वच्छता विभाग ने संभावित अल नीनो प्रभाव को ध्यान में रखते हुए सभी जिलाधिकारियों को विशेष जल संकट कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी वर्षा मीणा ने जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को पत्र जारी कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद ग्रामीण जलापूर्ति विभाग को सातों पंचायत समितियों से प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। आवश्यक संशोधन के बाद अंतिम कार्ययोजना तैयार कर जिला प्रशासन को भेजी जाएगी।
इस कार्ययोजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यदि जुलाई से सितंबर के बीच जिले में पेयजल संकट उत्पन्न होता है, तो उससे निपटने के लिए आवश्यक उपाय, वैकल्पिक जल व्यवस्था तथा अन्य राहत कार्य समय पर शुरू किए जा सकें। राज्य सरकार ने पहले ही अल नीनो की आशंका को देखते हुए जलाशयों के पानी के सिंचाई उपयोग पर कुछ प्रतिबंध लगाए हैं। वहीं मानसून की धीमी शुरुआत के कारण किसान कम बारिश में ही बुवाई कर चुके हैं, लेकिन अब वर्षा की कमी से कृषि और पेयजल दोनों को लेकर चिंता बढ़ गई है। मौसम विभाग ने भी इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना जताई है।
ग्रामीण जलापूर्ति विभाग कार्यकारी अभियंता अतुल साळुंके ने कहा है कि अकोला जिले की सभी 7 पंचायत समितियों से संभावित जल संकट संबंधी प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इनमें आवश्यक संशोधन करने के बाद अगले 2 दिनों में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के मार्गदर्शन में विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी को प्रस्तुत कर दी जाएगी।