अकोला: बालापुर-पातुर मार्ग पर मंडराया बड़ा खतरा, जर्जर पानी की टंकी के पिलर टूटे; कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

Akola News: अकोला के वाडेगांव में मुख्य सड़क किनारे स्थित पुरानी पानी की टंकी के पिलर जर्जर हो चुके हैं। लोहे की सरिया बाहर आ गई है, जिससे बड़े हादसे का डर बना हुआ है।
Akola Wadegaon Water Tank Collapse Risk
जर्जर पानी की टंकीप्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स: AI
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Akola Wadegaon Water Tank Collapse Risk: अकोला जिले के बालापुर-पातुर मार्ग पर पुलिस चौकी के सामने ग्राम पंचायत वाडेगांव की जलापूर्ति व्यवस्था के बनी पुरानी पानी की टंकी के पिलर जर्जर अवस्था में पहुंच गए हैं। पानी की टंकी के कुछ पिलरों में गहरी दरारें पड़ गई हैं, वहीं कई जगहों से कंक्रीट का हिस्सा टूटकर गिरने के कारण अंदर की लोहे की सरिया बाहर निकल आई है।

सड़क किनारे और नागरिकों की आवाजाही वाले क्षेत्र में स्थित इस पानी की टंकी की स्थिति को देखते हुए किसी गंभीर हादसे की आशंका से नागरिकों में चिंता है।

पानी की टंकी रास्ते में होने के कारण बढ़ा खतरा

पानी की टंकी के पिलरों में दिखाई दे रही दरारें, टूटता कांक्रीट और बाहर निकली लोहे की सरिया इसकी संरचनात्मक मजबूती पर सवाल खड़े कर रही हैं। चूंकि पानी की टंकी यातायात वाले मार्ग के बिल्कुल समीप है, इसलिए इसकी सुरक्षा को लेकर तत्काल तकनीकी जांच कराना जरूरी माना जा रहा है।

अकोला जिले के ग्राम पंचायत वाडेगांव के नागरिकों का कहना है कि वर्तमान स्थिति को नजरअंदाज करना भविष्य में भारी पड़ सकता है। किसी भी अप्रिय घटना से पहले पानी की टंकी की वास्तविक स्थिति का आकलन कर आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।

Akola Wadegaon Water Tank Collapse Risk
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विशेषज्ञों से कराई जाए जांच

नागरिकों ने ग्राम पंचायत प्रशासन, जलापूर्ति विभाग तथा संबंधित तकनीकी अधिकारियों से पानी की टंकी का तत्काल प्रत्यक्ष निरीक्षण कराने की मांग की है। विशेषज्ञ अभियंताओं के माध्यम से इसकी संरचनात्मक मजबूती की अधिकृत जांच कराकर यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि जलकुंभ उपयोग के लिए सुरक्षित है या नहीं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक मरम्मत, सुदृढ़ीकरण अथवा अन्य उचित उपाय तत्काल किए जाने की मांग भी नागरिकों ने की है।

जांच तक सुरक्षा उपाय जरूरी

नागरिकों के अनुसार, जब तक पानी की टंकी की तकनीकी जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक संभावित खतरे वाले हिस्से में लोगों की आवाजाही नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा उपाय किए जाने चाहिए, प्रशासन को मामले को गंभीरता से लेते हुए नागरिकों की सुरक्षा के लिए तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए, ऐसी मांग जोर पकड़ रही है।

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