

Akola Domestic Violence: पत्नी पर ब्लेड से जानलेवा हमला करने के मामले में आरोपी गजानन सोनोने की जमानत याचिका अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय, अकोट ने खारिज कर दी है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र तथा विशेष न्यायाधीश बी. एम. पाटिल ने यह आदेश पारित किया। आरोपी गजानन सोनोने 38, निवासी आसेगांव बाजार, तहसील अकोट, जिला अकोला के खिलाफ अकोट शहर पुलिस थाना में अपराध दर्ज है। आरोपी 18 मार्च 2026 से अकोला जिला कारागार में न्यायिक हिरासत में है।
सरकार की ओर से सरकारी वकील अजीत देशमुख ने जमानत याचिका का कड़ा विरोध करते हुए न्यायालय में लिखित जवाब और विस्तृत दलीलें पेश कीं। उन्होंने बताया कि पीड़िता सोनू उर्फ सीमा सोनोने ने उपचार के दौरान सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, अकोला में पुलिस को दिए बयान में कहा कि 6 मार्च 2026 को उसका विवाह धार्मिक रीतिरिवाज से गजानन सोनोने के साथ हुआ था। विवाह के बाद वह पति के साथ आसेगांव बाजार में रहने लगी।
शादी के बाद उसे पता चला कि उसका पति शराब का आदी है। आरोपी की पहली पत्नी से एक पुत्र और एक पुत्री हैं। शराब के नशे में वह आए दिन गाली-गलौज और मारपीट करता था। प्रारंभ में उसने यह बात अपने माता-पिता को नहीं बताई, लेकिन प्रताड़ना बढ़ने पर वह अपने मायके जेतवन नगर, अकोट चली गई। बाद में परिजनों की समझाइश के बाद दोनों फिर साथ रहने लगे और लगभग एक वर्ष तक सब कुछ सामान्य रहा।
लेकिन दीपावली के दौरान आरोपी फिर शराब पीकर आया और विवाद करने लगा। वह अपनी बेटी अक्षरा को अपने साथ ले गया, जबकि पुत्र उसके डर से भाग गया।
सरकारी वकील अजीत देशमुख ने न्यायालय को बताया कि जांच के दौरान आरोपी ने ब्लेड से हमला करने की बात स्वीकार की है तथा घटना में प्रयुक्त ब्लेड भी बरामद कर लिया गया है।
उन्होंने दलील दी कि आरोपी को जमानत मिलने पर वह पीड़िता और अन्य गवाहों पर दबाव बना सकता है, उन्हें धमका सकता है अथवा प्रलोभन देकर मुकदमे को प्रभावित करने का प्रयास कर सकता है। साथ ही आरोपी और पीड़िता एक ही गांव के निवासी हैं, इसलिए भविष्य में पुनः विवाद या गंभीर अपराध होने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश बी. एम.पाटिल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी गजानन सोनोने की जमानत याचिका खारिज कर दी।