Akola World Art Day News: अकोला में हर वर्ष 15 अप्रैल को विश्व कला दिवस मनाया जाता है। इस दिन का चयन महान कलाकार लियोनार्डो दा विंची के जन्मदिवस के सम्मान में किया गया है। इसका उद्देश्य कला के महत्व को समझना, कलाकारों को प्रोत्साहित करना और समाज में रचनात्मकता को बढ़ावा देना है।
कला केवल चित्र या सजावट नहीं, बल्कि भावनाओं, संस्कृति और विचारों को व्यक्त करने का सशक्त माध्यम है। यह समाज में शांति, एकता और संवेदनशीलता को बढ़ाती है। कला केवल सुंदरता नहीं, कला जीवन को समृद्ध बनाने का माध्यम है, हमारी देश में विविध कला शैलियों का अद्भुत संगम देखा जाता है।
यह विचार विश्व कला दिवस निमित्त स्थानीय कलाकार दीपा शर्मा ने प्रकट किए। इस बीच उन्होंने अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए बताया कि उन्होंने एक विशेष चित्र बनाया है, उन्होंने चित्र के संदर्भ में जानकारी देते हुए बताया कि इसमें एक विशाल पेड़ के नीचे बच्चे पढ़ते हुए दिखाए गए हैं। पेड़ जीवन और विकास का प्रतीक है, जबकि बच्चे ज्ञान और उज्ज्वल भविष्य का संकेत देते हैं।
यह रचना सेवा, सुशासन और समृद्धि के मूल्यों को प्रकट करती है। चित्र में भारत की पारंपरिक कला शैलियों का सुंदर मिश्रण किया गया है। केंद्र में मंडला आर्ट आध्यात्मिक संतुलन दर्शाती है, बॉर्डर में मधुबनी कला प्रकृति और संस्कृति का चित्रण करती है, जबकि पेड़ में गोंड कला जीवन और जीवंतता का प्रतीक है।
इस प्रकार यह चित्र भारत की विविध कला विरासत को एक साथ प्रस्तुत करता है। मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव
कला का मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यह तनाव और चिंता को कम करती है, मन को शांत और संतुलित बनाती है, रचनात्मकता और आत्मविश्वास बढ़ाती है तथा भावनाओं को व्यक्त करने का माध्यम देती है।
इस तरह विश्व कला दिवस हमें यह सिखाता है कि कला केवल सुंदरता नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। यह हमें जोड़ती है, सिखाती है और समाज को बेहतर बनाती है। इससे हमें यह संदेश भी मिलता है कि, कला में है जीवन की शक्ति यह जोड़ती है सेवा, सुशासन और समृद्धि की भक्ति।