Akola Wildlife Conservation News: गर्मी के मौसम में जलस्रोत सूखने पर वन्यजीव पानी की तलाश में खेतों और गांवों तक पहुँच जाते हैं। इसी दौरान उनकी शिकार की घटनाएँ सामने आती हैं। अकोला जिले में इस वर्ष ऐसी घटना नहीं हुई है, लेकिन पिछले वर्षों में गंभीर मामले सामने आए थे। विशेष रूप से जून 2022 में पातुर तहसील में जलस्रोत में यूरिया डालकर बंदर, नीलगाय और काले हिरण सहित लगभग 10 से 12 वन्यजीवों की शिकार की गई थी।
इस मामले में वन विभाग ने शिकारी गिरोह को गिरफ्तार किया था। जिले में शिकार की घटनाएँ विरल होती हैं, लेकिन अकोट तहसील के मेलघाट क्षेत्र और कुछ वनक्षेत्रों में समयसमय पर ऐसी घटनाएँ होती रही हैं। जून 2022 में आलेगांव वन परिक्षेत्र में यूरिया डालकर लगभग 11 से 12 वन्यजीवों की शिकार की गई थी। इस मामले में वन विभाग ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया था।
इसी तरह कृषि विश्वविद्यालय परिसर में मोरों को विषयुक्त अनाज डालकर शिकार करने का मामला भी सामने आया था। अकोट वनपरिक्षेत्र में काले हिरण की शिकार 20 जुलाई 2025 को अकोट वनपरिक्षेत्र के जऊळखेड में संरक्षित वन्यजीव काले हिरण ब्लैकबक की शिकार कर उसका मांस बेचते समय एक आरोपी को रंगेहाथ पकड़ा गया, जबकि अन्य तीन आरोपी फरार हो गए थे।
यह कार्रवाई उपवनसंरक्षक सुमंत सोलंके और सहायक वनसंरक्षक नम्रता ताले के मार्गदर्शन में वनपरिक्षेत्र अधिकारी वी। आर। थोरात के नेतृत्व में वनरक्षक पी। ए। तुरुक, अतिक हुसेन, सुभाष काटे, सोपान रेले और तुषार आवारे ने की थी।
वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वन्यजीवों का पर्यावरणीय महत्व ध्यान में रखते हुए उनके संरक्षण और संवर्धन में सहयोग करें। यदि कहीं शिकार, छेड़छाड़ या जंगल में आग लगाने जैसी घटनाएँ दिखाई दें तो तुरंत शासन के टोल फ्री नंबर 1926 पर सूचना दें। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा। विभाग ने कहा कि नागरिकों के सहयोग से एक वन्यजीव का जीवन बचाया जा सकता है।