

Akola Farmers Akrosh Morcha Drought Relief: अकोला में सूखे की स्थिति और फसल नुकसान को लेकर शिवसेना (उबाठा) ने किसान आक्रोश मोर्चा निकाला।
विधायक नितिन देशमुख के नेतृत्व में निकला मोर्चा जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा। किसानों ने प्रति एकड़ 50 हजार रुपये आर्थिक सहायता और पशुओं के लिए चारा-पानी की व्यवस्था की मांग की।
अकोला जिले में सूखे जैसे हालात और खरीफ फसलों को हुए नुकसान को लेकर मंगलवार को शिवसेना (उबाठा) की ओर से किसान आक्रोश मोर्चा निकाला गया। बालापुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक और शिवसेना के उपनेता नितिन देशमुख के नेतृत्व में निकला यह मोर्चा स्वराज्य भवन से शुरू होकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा।
मोर्चे में शामिल किसानों ने हाथों में सूखी सोयाबीन की फसल लेकर सरकार का ध्यान फसल नुकसान और आर्थिक संकट की ओर आकर्षित किया। प्रदर्शनकारियों ने किसानों को तत्काल आर्थिक सहायता देने की मांग की।
विधायक नितिन देशमुख के संबोधन के दौरान बालापुर तहसील के भरतपुर निवासी एक वृद्ध दंपती मंच पर पहुंचा। उन्होंने बताया कि उनके चार एकड़ खेत की फसल बर्बाद हो गई है। वृद्ध महिला ने कहा कि बुआई और खेती पर किया गया खर्च भी फसल के साथ डूब गया है।
आर्थिक सहायता नहीं मिलने पर परिवार का जीवनयापन मुश्किल होने की बात कहते हुए महिला भावुक हो गई। इस दौरान उसकी आंखों से आंसू निकल आए और कुछ देर के लिए कार्यक्रम का माहौल भावुक हो गया।
शिवसेना उबाठा मोर्चे के दौरान एक अन्य महिला ने भी मंच पर अपनी समस्या रखी। उसने बताया कि फसल बर्बाद होने के साथ जमा पूंजी भी खत्म हो गई है। उसके अनुसार, किसान किसी तरह अपना जीवन गुजार सकता है, लेकिन पशुओं के लिए चारा और पानी की व्यवस्था जरूरी है। महिला ने कम से कम पशुओं के लिए चारा और पानी उपलब्ध कराने की मांग की।
विधायक नितिन देशमुख ने सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सूखे की गंभीर स्थिति के बावजूद किसानों को पर्याप्त आर्थिक सहायता नहीं मिल रही है।
उन्होंने मांग की कि 5 अक्टूबर तक किसानों को प्रति एकड़ 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। सहायता नहीं मिलने पर किसानों की जमीन से गुजरने वाले समृद्धि महामार्ग को बंद करने के आंदोलन की चेतावनी भी उन्होंने दी।
मोर्चे में के मुकेश मुरुमकार, नरेंद्र खेडकर, बबलू देशमुख, चंदू तिवारी, सेवकराम ताथोड़, गोपाल दाताकर, सरिता वाकोडे, माया म्हैसने और नीलेश धुमाल सहित बड़ी संख्या में शिवसैनिक और किसान मौजूद रहे।