अकोला में स्मार्ट मीटर विवाद गरमाया, बढ़े बिजली बिलों की जांच की मांग पर शिवसेना आक्रामक

Smart Meter Protest: अकोला में जबरन स्मार्ट मीटर लगाने के खिलाफ शिवसेना (शिंदे गुट) ने महावितरण दफ्तर पर धरना दिया। बिना सहमति मीटर बदलने व बढ़े बिलों का विरोध कर इसकी स्वतंत्र जांच की मांग की गई है।
Shiv Sena Against Smart Meter In Akola
शिवसेना शिंदे गुट जबरन स्मार्ट मीटर लगाने के विरोध में आंदोलन कपते हुए (सोर्स - फोटो नवभारत)
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Shiv Sena Against Smart Meter In Akola: अकोला शहर एवं जिले के बिजली उपभोक्ताओं पर कथित रूप से जबरन स्मार्ट मीटर लगाने के विरोध में शिवसेना शिंदे गुट की ओर से अपनी ही सरकार के खिलाफ महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी मर्यादित (महावितरण) के कार्यकारी अभियंता कार्यालय पर बैठा आंदोलन किया गया। आंदोलन के दौरान शिवसैनिकों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए परिसर को गुंजायमान कर दिया।

स्मार्ट मीटर की जबरदस्ती बंद करो", "बिजली उपभोक्ताओं पर अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा", "जय भवानी, जय शिवाजी" और "डा। बाबासाहब आंबेडकर अमर रहें जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।

ग्राहकों की सहमति के बिना मीटर लगाने का विरोध 1 शिवसेना पदाधिकारियों ने कहा कि अकोला शहर और जिले के अनेक बिजली उपभोक्ताओं को "अगले 48 घंटों में आपका सामान्य मोटर स्मार्ट मीटर में बदला जाएगा" जैसे संदेश भेजे जा रहे हैं। जबकि कई उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर लगाने की मांग नहीं की है और उनकी सहमति भी नहीं ली ना गई है। इसके बावजूद मीटर बदलने की प्रक्रिया शुरू किए जाने से नागरिकों में नाराजगी है। साथ ही मीटर लगाने वाले कुछ कर्मचारियों द्वारा उपभोक्ताओं से अभद्र व्यवहार करने की शिकायतें भी शिवसेना के पास पहुंची हैं।

सौंपा गया निवेदन

शिवसेना की ओर से महावितरण की अधिकारी प्रतीक्षा शंभरकर को निवेदन सौंपा गया, यह आंदोलन विधायक बच्चु कडू, गोपीकिसन बाजोरिया, राजन सालवी, ललित वानखड़े के मार्गदर्शन में किया गया। राजेश मिश्रा, सागर भारुका, संतोष अनासने, रमेश गायकवाड़, डा। अशोक ओलंबे, निशा ग्यारल, गजानन चवाण उपस्थित थे।

बिजली बिलों की स्वतंत्र जांच की मांग

आदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि होने की शिकायतें सामने आई है। जिससे आम नागरिकों में भ्रम और भय का माहौल है।

शिवसेना ने मांग की कि उपभोक्ताओं की अनुमति के बिना स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया तुरंत रोकी जाए, दबाव बनाने वाले संदेश बंद किए जाए, स्मार्ट मीटर संबंधी सरकारी नीति और उपभोक्त्ताओं के अधिकारों की स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जाए तथा बढ़े हुए बिजली बिलों की स्वतंत्र जांच हो।

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