मनसे के आंदोलन के बाद हरकत में आया प्रशासन, 30 जून से पहले स्कूल शुरू नहीं करने के स्पष्ट निर्देश, नोटिस जारी

Akola School Notice: मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ द्वारा 30 जून से पहले स्कूल शुरू नहीं करने के निर्देशों के बावजूद अकोला जिले के कई स्कूलों में कक्षाएं शुरू किए जाने का मामला सामने आया है।
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MNS Protest (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
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MNS Protest Akola: मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ द्वारा राज्य में बढ़ती गर्मी को ध्यान में रखते हुए 30 जून से पहले स्कूल शुरू नहीं करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। न्यायालय ने इस संबंध में जारी राज्य सरकार के पूर्व परिपत्र पर भी गंभीर टिप्पणी करते हुए उसे निरस्त कर दिया था।

इसके बावजूद अकोला शहर और जिले की कई निजी एवं सरकारी सहायता प्राप्त शालाओं द्वारा न्यायालय के आदेश की अनदेखी करते हुए विद्यार्थियों की नियमित कक्षाएं शुरू किए जाने का आरोप महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना मनसे ने लगाया है। इस मुद्दे को लेकर मनसे ने तीव्र नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रशासन के खिलाफ आंदोलन का रास्ता अपनाया।

हाईकोर्ट के आदेश की अनदेखी पर अकोला में मनसे का आंदोलन

शुक्रवार को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की ओर से अकोला शिक्षण विभाग कार्यालय में आक्रामक धरना आंदोलन किया गया। इस आंदोलन का नेतृत्व मनसे के अकोला के संपर्क नेता हेमंत गडकरी ने किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष पंकज साबले, शहराध्यक्ष सौरभ भगत तथा जिला उपाध्यक्ष सतीश फाले की प्रमुख उपस्थिति रही। मनसे पदाधिकारियों ने शिक्षण विभाग के अधिकारियों को विस्तृत ज्ञापन सौंपकर न्यायालय के आदेश का तत्काल पालन सुनिश्चित करने की मांग की। ज्ञापन में मनसे ने कहा कि न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बाद भी कई स्कूलों द्वारा कक्षाएं संचालित करना गंभीर विषय है। बढ़ती गर्मी के बीच छोटे विद्यार्थियों को स्कूल बुलाना उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने जैसा है।

शिक्षा विभाग सख्त

तत्काल की जाए जांचसंगठन ने मांग की कि जिले में 30 जून से पहले संचालित सभी स्कूलों की तत्काल जांच की जाए और आदेशों की अवहेलना करने वाली शैक्षणिक संस्थाओं को तुरंत बंद किया जाए। साथ ही संबंधित स्कूल प्रबंधन और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए। इस आंदोलन में मनसे के उप शहराध्यक्ष मुकेश धोंडफले, तहसील उपाध्यक्ष सौरभ फाले, प्रदीप मस्तुद, मंगेश देशमुख, हर्षल अंभोरे, मोहन अंभोरे, तन्मय पवार सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

प्रशासन ने दिखाई तत्परता

मनसे के आक्रामक रुख और शिक्षण विभाग कार्यालय में किए गए धरना आंदोलन के बाद प्रशासन को तत्काल मामले की दखल लेनी पड़ी। शिक्षा विभाग ने न्यायालय के आदेश का उल्लंघन करने वाले कुछ स्कूलों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही संबंधित संस्थाओं को चेतावनी दी गई है कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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