Akola News: कर्म मनुष्य को वैभव की ओर ले जाता है, वहीं गलत कर्म अधःपतन का कारण बनता है। इसलिए ऐसे सकारात्मक कर्म करने चाहिए, जिनसे मृत्यु के बाद भी व्यक्ति की कीर्ति जीवंत रहे। यह संदेश इंदौर के कीर्तनकार हभप ऐवज भांडारे ने दिया।
स्थानीय श्रीराम व हरिहर संस्थान द्वारा तिलक रोड स्थित बड़े राम मंदिर में आयोजित श्रीरामनवमी उत्सव के तहत आयोजित कीर्तन में उन्होंने यह विचार व्यक्त किए। “समर्थ के कीर्ति मागे उरावी” विषय पर निरूपण करते हुए उन्होंने सकारात्मक कर्म के महत्व को रेखांकित किया।
उन्होंने कहा कि भारत की भूमि महान विभूतियों से समृद्ध रही है। आध्यात्मिक, वैज्ञानिक, राष्ट्रीय और सामाजिक हर क्षेत्र में यहां अनेक महापुरुषों और वीरांगनाओं ने जन्म लेकर देश व धर्म के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया है।
कीर्तन के दौरान उन्होंने सरदार भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के बलिदान की कथा प्रस्तुत करते हुए श्रोताओं को प्रेरित किया।
इस अवसर पर राधाकृपा महिला भजनी मंडल की महिलाओं ने संगीतमय भजनों की प्रस्तुति देकर भक्ति का माहौल बनाया। संस्थान की ओर से श्रद्धालुओं से प्रतिदिन दोपहर में आयोजित भजन तथा रात 8 बजे होने वाले कीर्तन का लाभ लेने का आह्वान किया गया।