Akola Purna River Ghat Construction News: चार जिलों से बहने वाली ताप्ती और मोर्णा, गोमती से संगम करने वाली पूर्णा नदी पर धार्मिक विधियों के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
अस्थि विसर्जन, दशक्रिया और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों के लिए यहां भक्तों की भीड़ रहती है। श्रद्धालुओं की सुविधा और हिंदू संस्कृति की परंपरा को बनाए रखने के उद्देश्य से नदी घाट का निर्माण किया जा रहा है। इस कार्य का भूमिपूजन विधायक रणधीर सावरकर के विशेष निधि अंतर्गत किया गया।
म्हैसांग स्थित पूर्णा नदी पर घाट निर्माण की लागत लगभग 2 करोड़ 50 लाख रुपये है। इस अवसर पर सुरेश देशमुख ने कहा कि विधायक सावरकर ने दिशादर्शक कार्य कर धार्मिक परंपरा को निरंतर बनाए रखने का मार्ग प्रशस्त किया है। पूर्णा नदी घाट निर्माण से श्रद्धालुओं को धार्मिक विधियों में सुविधा मिलेगी और क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपरा को मजबूती मिलेगी।
यह कार्य न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। श्रद्धालुओं की मांग का समाधानअकोला और अमरावती जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूर्णा नदी पर धार्मिक कार्यों हेतु आते हैं। उनकी मांग को ध्यान में रखते हुए विधायक सावरकर ने घाट निर्माण का निर्णय लिया। भूमिपूजन कार्यक्रम में चंद्रशेखर गावंडे, मिलिंद देशमुख, मनोज देशमुख, रुपेश गावंडे, रामकृष्ण साटोटे, विजय देशमुख, अरुण देशमुख, राजेश बेले, अनिल गावंडे, प्रवीण हगवणे, चंदा लव्हाले, ए.डी. गावंडे, विवेक भरणे, गोविंद गोयंका, भरत कालमेघ, भरत चराटे, संजय गावंडे, अनमोल गावंडे उपस्थित थे।
पाइंटरविकास और जनसंवादसावरकर ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और महायुति सरकार के कार्यकाल में इस क्षेत्र का भौगोलिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र की 14 करोड़ जनता के कल्याण के लिए सरकार कटिबद्ध है।
उन्होंने जनसंवाद अभियान के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों से आशीर्वाद प्राप्त किया और पार्टी के विचारों पर संवाद साधा।