शिक्षा के निजीकरण के खिलाफ अकोला में 'पैक्टो' का शंखनाद; बहुजन समाज के शैक्षणिक अधिकारों के लिए करेंगे संघर्ष

Akola Education Grants: अकोला में नव्य स्थापित फुले-आंबेडकर शिक्षक संगठन (पॅक्टो) की कोअर कमिटी बैठक में बहुजन समाज के शिक्षा अधिकारों पर हो रहे हमलों के विरोध में संघर्ष का संकल्प लिया गया।
The PACTO organization in Akola has vowed to fight for Bahujan educational rights. Led by Dr. Khandare, they demand regular teacher recruitment and an end to privatization of schools and colleges.
शिक्षा के निजीकरण के खिलाफ अकोला में 'पैक्टो' का शंखनाद (सौजन्य-नवभारत)
Published on
Updated on

Teacher Recruitment Maharashtra News: अकोला में बहुजन समाज के शिक्षणाधिकार पर योजनाबद्ध तरीके से किए जा रहे हमलों को रोकने के लिए अकोला जिले में नव्य स्थापित फुले-आंबेडकर शिक्षक संगठन (पॅक्टो) ने संघर्ष का संकल्प व्यक्त किया है। अकोला के रेस्ट हाउस में संगठन की कोअर कमिटी की बैठक आयोजित की गई, जिसमें शिक्षण क्षेत्र के विविध प्रश्नों पर सखोल चर्चा हुई।

बैठक में प्रा. विजय आठवले, प्रा. डॉ. बालकृष्ण खंडारे, प्रा. सुनील कांबले, प्रा. शैलेश इंगले, प्रा. विवेक पांडे, प्रा.धम्मानंद नवघरे, प्रा. भीमराव परघरमोर, डॉ. संदीप डोंगरे, प्रा. सज्जन जाधव, डॉ. गणेश पोटे, प्रा. सुभाष इंगोले, प्रा. सुरेश मोरे, अनिल गवई, विद्याधर मोहोड, संदेश गवई आदि मान्यवर उपस्थित थे। बैठक में यह मत व्यक्त किया गया कि महात्मा फुले, छत्रपति शाहू महाराज और डॉ. बाबासाहब आंबेडकर के ऐतिहासिक संघर्ष से बहुजन समाज को प्राप्त शैक्षणिक, सामाजिक और राजनीतिक अधिकार आज योजनाबद्ध नीतियों से कमजोर किए जा रहे हैं।

बैठक में पारित किए गए प्रमुख प्रस्ताव

प्राध्यापक और शिक्षक पदों की लंबित भरती तुरंत शुरू की जाए, ठेका नियुक्तियाँ रद्द कर नियमित भरती की जाए। आंशिक अनुदानित शाला-महाविद्यालयों को 100% अनुदान दिया जाए। टीईटी की सक्ती रद्द की जाए। उच्च शिक्षण पर अनुदान कपात बंद की जाए।

विश्वविद्यालयीय स्वायत्तता पर लगी मर्यादा हटाई जाए। शाला-महाविद्यालयों का निजीकरण रोका जाए। कम पटसंख्या के कारण कोई शाला बंद न की जाए। इस अवसर पर अकोला जिलाध्यक्ष के रूप में प्रा. डॉ. बालकृष्ण खंडारे की नियुक्ति की गई। संचालन और आभार प्रदर्शन प्रा। सुनील कांबले ने किया।

Navbharat Live
navbharatlive.com