अकोला में कचरा संग्रहण व्यवस्था ठप, वंचित बहुजन आघाड़ी ने जनआंदोलन की चेतावनी दी
VBA Protest In Akola: अकोला में कचरा प्रबंधन ठप होने पर VBA गटनेता नीलेश देव आक्रामक। 3 दिन में घंटागाड़ी सेवा न सुधरने और स्वच्छता शुल्क वसूली बंद न होने पर आंदोलन की चेतावनी।
- Written By: केतकी मोडक
निलेश देव (सोर्स - फोटो नवभारत)
Akola Garbage Collection Issue: अकोला शहर की कचरा संग्रहण व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। पिछले दो से तीन महीनों से घंटागाड़ी सेवा अनियमित रूप से संचालित हो रही है, जिसके कारण अनेक क्षेत्रों में चार से छह दिनों तक कचरा नहीं उठाया जा रहा है।
इससे घरों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरे के ढेर जमा हो गए हैं। नागरिकों को दुर्गंध, गंदगी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यह आरोप वंचित बहुजन आघाड़ी के गटनेता पार्षद नीलेश देव ने लगाया है। उन्होंने कहा कि अकोला शहर के किसी भी क्षेत्र में घंटागाड़ी का निश्चित समय निर्धारित नहीं है। नागरिकों को यह जानकारी तक नहीं मिलती कि उनके क्षेत्र में कचरा वाहन कब पहुंचेगा।
100 रुपये तक वसूला जा रहा स्वच्छता शुल्क
कई स्थानों पर लगातार कई दिनों तक कचरा नहीं उठाए जाने से लोगों को घरों में ही कचरा जमा करके रखना पड़ रहा है, जिससे मच्छरों और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। नीलेश देव ने आरोप लगाया कि सेवा पूरी तरह अव्यवस्थित होने के बावजूद नागरिकों से नियमित रूप से स्वच्छता शुल्क वसूला जा रहा है। विभिन्न क्षेत्रों में 50, 100 रुपये तथा अन्य निर्धारित शुल्क लिए जा रहे हैं, लेकिन बदले में अपेक्षित सेवा नहीं दी जा रही।
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लोगों पर अन्याय
- इसे नागरिकों के साथ अन्याय बताते हुए प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगाया जा रहा है। कहा जा रहा कि नई निविदा प्रक्रिया, तकनीकी समस्याएं और कर्मचारियों की कमी जैसे कारण बताकर प्रशासन लंबे समय से समय बिताने का काम कर रहा है, जबकि नागरिकों को प्रभावी सेवा चाहिए।
- बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है। शहर में जमा कचरे के कारण डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और गैस्ट्रो जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में किसी प्रकार की बीमारी फैलती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी महानगरपालिका प्रशासन और सत्ताधारियों की होगी।
- नीलेश देव ने मांग की कि महानगरपालिका सभी वार्डों में नियमित घंटागाड़ी सेवा शुरू करे, निश्चित समय-सारणी जारी करे, पर्याप्त कर्मचारी उपलब्ध कराए और मनमानी शुल्क वसूली पर रोक लगाए, अन्यथा वंचित बहुजन आघाड़ी की ओर से तीव जनआंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन पर होगी।
