अकोला के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! खरीफ सीजन के लिए बढ़ा खाद का कोटा, 1.14 लाख मीट्रिक टन को मिली मंजूरी

Akola Fertilizer Allocation: अकोला में खरीफ के लिए खाद का कोटा बढ़ा! 1.14 लाख मीट्रिक टन खाद मंजूर। पिछले साल से 21 हजार टन ज्यादा। किसान नेता प्रशांत गावंडे ने की और अधिक आवंटन की मांग।
Akola district gets 1.14 lakh MT fertilizer for Kharif 2026, an increase of 21,000 MT. Farmers demand more allocation for cotton and soybean.
किसान नेता प्रशांत गावंडे (सौजन्य-नवभारत)
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Kharif Season Urea DAP Stock: खरीफ सीजन 2026 के लिए राज्य सरकार ने अकोला जिले को 1 लाख 14 हजार 200 मेट्रिक टन रासायनिक खाद का आवंटन मंजूर किया है। यह आवंटन पिछले वर्ष की तुलना में 21 हजार मेट्रिक टन अधिक है। पिछले वर्ष 93 हजार 796 मेट्रिक टन खाद उपलब्ध कराई गई थी। इस बार अतिरिक्त खाद मिलने से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।

रबी सीजन की फसल कटाई अंतिम चरण में है और इसके बाद खरीफ सीजन की शुरुआत होगी। जिले में हर वर्ष की तरह इस बार भी कपास और सोयाबीन की अधिक पैदावार की संभावना है। ऐसे में खाद की पर्याप्त उपलब्धता किसानों के लिए बेहद जरूरी है।

इस तरह उपलब्ध रहेगी खाद

इस वर्ष जो 1.14 लाख मेट्रिक टन खाद का आवंटन मंजूर किया गया है उसमें यूरिया 30,700 मेट्रिक टन, इसी तरह डीएपी 17,100, एमओपी 3100, मिश्र खाद 41,700, एसएसपी 21,600 इस तरह कुल 1.14 लाख मेट्रिक टन खाद उपलब्ध रहेगी।

खाद का आवंटन और बढ़ाएं

खरीफ सीजन के लिए सरकार की ओर से 1.14 लाख मेट्रिक टन खाद का आवंटन मंजूर किया गया है। देखा जाए तो यह काफी कम है। सरकार ने खरीफ फसलों के लिए कम से कम 1.87 लाख मेट्रिक टन खाद का आवंटन मंजूर करना चाहिए। इसी तरह सभी प्रकार की खाद खरीफ मौसम के समय किसानों को उचित मूल्य में उपलब्ध करवानी चाहिए।

  • प्रशांत गावंडे, किसान नेता

खाद और बीज का नियोजन

खरीफ सीजन में अचानक खाद की कमी न हो, इसके लिए जिला परिषद के कृषि विभाग की ओर से पहले से ही नियोजन किया जाता है। इस बार कृषि विभाग ने कृषि आयुक्तालय से 1 लाख 16 हजार 300 मेट्रिक टन खाद की मांग की थी।

इसके अनुसार 1 लाख 14 हजार 200 मेट्रिक टन खाद का आवंटन मंजूर किया गया है। कृषि विभाग का कहना है कि खरीफ सीजन अब मात्र दो महीने दूर है। कुछ किसान मानसून पूर्व बुवाई भी करते हैं, ऐसे में खाद और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है।

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