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अकोला: हाईवे चौड़ीकरण में हरियाली खत्म, पर्यावरण पर संकट; विकास की वेदी पर बलि चढ़े हजारों विशाल वृक्ष

  • Author By manoj choubey | published By रूपम सिंह |
Updated On: Apr 04, 2026 | 08:43 PM
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Akola Highway News: अकोला में पिछले कुछ वर्षों में राष्ट्रीय राजमार्गों के चौड़ाइकरण और नवीनीकरण का काम बड़े पैमाने पर हुआ है। चौड़ी और सीमेंट की आधुनिक सड़कें तो तैयार हो गई हैं, लेकिन इस विकास की कीमत पर्यावरण को चुकानी पड़ी है। हजारों पेड़ों की कटाई के चलते सड़कों किनारे की हरियाली लगभग खत्म हो चुकी है।

कभी इन मार्गों के दोनों ओर नीम, गुलमोहर और केसिया जैसे घने वृक्ष राहगीरों को छाया और ठंडी हवा देते थे, लेकिन अब इनकी जगह सूनी सड़कें नजर आती हैं। बालापुर रोड और मुर्तिजापुर रोड पर मौजूद पुराने पेड़ धीरे-धीरे चौड़ाइकरण के दौरान काट दिए गए, जिससे पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित हुआ है।

पेड़ों की कमी का असर अब मौसम पर भी दिखने लगा है। गर्मी के दिनों में तापमान अधिक महसूस होता है, वहीं सर्दियों में भी दोपहर के समय तेज गर्मी का अहसास होता है।

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पौधारोपण के बाद नहीं होता संरक्षण

पौधारोपण किया भी जाता है, तो उसके संरक्षण और पोषण पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता। पानी और देखरेख के अभाव में कई पौधे सूख जाते हैं। इससे हरियाली बढ़ने के बजाय लगातार घटती जा रही है, जो आने वाले समय में और गंभीर समस्या बन सकती है।

पहले रहती थी छाया, अब सिर्फ धूप और धूल

  • पहले इन मार्गों पर चलते समय पेड़ों की छाया और ठंडी हवा का अनुभव होता था, लेकिन अब राहगीरों को तेज धूप और धूल का सामना करना पड़ता है।
  • विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संरक्षण की ठोस योजना बनाना बेहद जरूरी हो गया है, अन्यथा आने वाले वर्षों में तापमान और प्रदूषण की समस्या और बढ़ेगी।

पानी की व्यवस्था जरूरी

विधायक वसंत खंडेलवाल ने बताया कि विधायक निधि से शिवर से रिधोरा तक वृक्षारोपण किया गया था, लेकिन पानी के अभाव में कई पौधे सूख गए। उन्होंने कहा कि आगामी जून-जुलाई में फिर वृक्षारोपण किया जाएगा, लेकिन इसके लिए संबंधित विभागों को मेंटनेंस और पानी की जिम्मेदारी लेनी होगी।

हाईवे पर पहले भी किया गया है वृक्षारोपण

ईगल इन्फ्रा के संचालक रामप्रकाश मिश्रा के अनुसार, मलकापुर से अमरावती तक 2023 में हाईवे किनारे विभिन्न प्रकार के पेड़ लगाए गए थे, जिनमें से कई आज भी जीवित हैं। उन्होंने कहा कि पेड़ लगाने के साथ उनकी देखरेख की जिम्मेदारी संबंधित विभागों को निभानी चाहिए।

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Published On: Apr 04, 2026 | 06:04 PM

Topics:  

  • Akola News
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