अकोला में विकास की भेंट चढ़ी हरियाली; 44 डिग्री पहुंचा पारा, सड़क चौड़ीकरण में कटे पेड़ों ने बढ़ाई शहर की तपिश

Akola News: अकोला में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। सड़कों के नवीनीकरण के नाम पर हुई पेड़ों की कटाई और मनपा की लापरवाही से शहर 'हॉट पॉकेट' बन गया है। विधायक ने की पौधारोपण की मांग
Akola's temperature hits 44°C as road widening leads to massive tree felling. Residents and local leaders demand urgent plantation drives to combat the rising urban heat and lack of greenery.
वसंत खंडेलवाल, विधायक , तेज धूप (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Akola Municipal Corporation Weather Update: अकोला में पिछले कुछ वर्षों में शहर के अनेक क्षेत्रों में कई सड़कों का नवीनीकरण किया गया है। सीमेंट की कुछ नई सड़कों का निर्माण किया गया है। लेकिन सड़कें चौड़ी करते समय लोगों का जो सबसे बड़ा नुकसान हुआ है वह यह है कि कई पेड़ काटे गए हैं। इससे पर्यावरण को धक्का लगा है। शहर में नई सीमेंट की तथा डामर की चौड़ी सड़कें बन कर तैयार हैं। एक समय था जब शहर की कोई सड़क ऐसी नहीं थी जिसके दोनों ओर पेड़ न हों।

कुछ वर्ष पहले गौरक्षण रोड, मलकापुर रोड, नीमवाड़ी रोड, मंगरूलपीर रोड, लेडी हार्डिंग रोड, रतनलाल प्लाट मुख्य मार्ग, जठारपेठ, रामदासपेठ के साथ साथ अकोट रोड और मुर्तिजापुर रोड पर भी सड़क के दोनों ओर केसिया, गुलमोहर तथा मुख्य रूप से नीम के विशाल पेड़ देखे जा सकते थे। करीब चार से पांच दशक पहले अकोला शहर गर्मी के दिनों में भी शाम 7 बजे के बाद शहर ठंडा हो जाया करता था। लेकिन अब ऐसा नहीं है।

44 डिग्री पर पहुंचा तापमान

अकोला शहर में गर्मी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। जबकि न्यूनतम तापमान में भी लगातार वृद्धि हो रही है और मंगलवार को न्यूनतम तापमान 25 डिसे दर्ज किया गया है। तेज धूप और लू के कारण लोग दिनभर घरों में रहने को मजबूर हुए। दोपहर के समय बाजार और मुख्य मार्गों पर सन्नाटा पसरा रहा।

शहर में पेड़ काटे तो गए लेकिन लगाए नहीं

  • सड़कों को चौड़ा करने तथा सड़कों का नवीनीकरण करने में जिस तुलना में पेड़ काटे गए हैं उस तुलना में पेड़ लगाए नहीं गए हैं।
  • मनपा द्वारा मकान का नक्शा पास करते समय डेवलपमेंट चार्ज के साथ साथ वृक्ष कर भी लिया जाता है।
  • मनपा द्वारा अब तक लाखों रू। वृक्ष कर के नाम पर लिए गए हैं।
  • लेकिन यदि अकोला मनपा से यह पूछा जाए की मनपा द्वारा शहर में कितने पेड़ लगाए गए हैं तो शायद ही मनपा कोई बड़ी संख्या बताएगी लेकिन शहर में पेड़ तो दिखाई नहीं दे रहे हैं।
  • इसलिए लोगों की मनपा से अपेक्षा है कि बारिश के दौरान शहर में बड़ी संख्या पौधारोपण अभियान चलाया जाए।

निधि की कमी नहीं, मनपा ले पानी की जिम्मेदारी

शहर में सच में बहुत जरूरी है, उन्होंने कहा कि, वृक्षारोपण के लिए निधि की कमी नहीं है लेकिन पौधारोपण करने के बाद उसके मेंटनेंस और नियमित रूप से पौधों को पानी देने की जिम्मेदारी मनपा प्रशासन ने लेनी चाहिए, यदि ऐसा होता है तो आनेवाले बारिश के मौसम में पौधारोपण के लिए निधि उपलब्ध करवाई जाएगी। वसंत खंडेलवाल, विधायक अकोला।

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