भाई को पीठ पर लादकर पहुंची महिला, अकोला GMC हॉस्पिटल का VIDEO वायरल, स्वास्थ्य मंत्री ने दिए कड़े जांच के आदेश

Akola GMC: अकोला के GMC में एक महिला द्वारा अपने बीमार रिश्तेदार को पीठ पर उठाकर ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।
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Prakash Abitkar (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
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Akola Wheelchair Controversy: अकाेला के सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय (जीएमसी) से संबद्ध जिला सर्वोपचार अस्पताल के बाह्य रोगी विभाग ओपीडी में एक महिला द्वारा अपने बीमार भाई को पीठ पर उठाकर ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। उनके निर्देश पर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। जीएमसी प्रशासन ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है।

समिति में दिनेश नेताम, प्रवीण सपकाल, अभय बागुल, गजेंद्र रघुवंशी तथा अधिकसेविका ग्रेसी मरियान को शामिल किया गया है। समिति को 24 घंटे के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जानकारी के अनुसार एक महिला अपने बीमार रिश्तेदार को उपचार के लिए जिला सर्वोपचार अस्पताल लेकर पहुंची थी। इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें महिला अपने भाई को पीठ पर उठाकर ले जाती दिखाई दे रही है।

वायरल वीडियो पर स्वास्थ्य विभाग सख्त

वीडियो के साथ यह दावा किया गया कि अस्पताल में स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं था, जिसके कारण महिला को यह कदम उठाना पड़ा। वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे और पिछले दो दिनों से इस मुद्दे को लेकर विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने आंदोलन भी किया।

महिला विपक्ष के आंदोलन में शामिल थी इस संदर्भ में विधायक रणधीर सावरकर ने कहा कि वायरल वीडियो में दिखाई गई महिला विपक्ष के आंदोलन में भी शामिल थी। व्यवस्थाओं की कमियां उजागर करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन वायरल वीडियो में वास्तविकता कम है।

24 घंटे में रिपोर्ट देगी जांच समिति

वीडियो में व्यवस्था को बदनाम करने का प्रयास अधिक दिखाई देता है। इस दौरान महापौर शारदा खेडकर भी उपस्थित थीं।

प्रशासन का स्पष्टीकरण

GMC अधिष्टाता संजय सोनूने ने कहा कि वायरल वीडियो के बाद जीएमसी प्रशासन ने सीसीटीवी फुटेज की जांच तथा संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों से पूछताछ की। जांच में पाया गया कि चिकित्सकों ने मरीज की स्थिति को देखते हुए स्वयं बाहर आकर उसकी जांच की थी। इसके बाद मरीज को आगे के उपचार के लिए संबंधित विभाग में भेजा गया। अस्पताल कर्मचारियों ने मरीज को व्हीलचेयर पर बैठाकर ओपीडी क्र.104 तक पहुंचाया था। बाह्य रोगी विभाग में व्हीलचेयर और स्ट्रेचर पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं।

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