

Akola GMC Poor Infrastructure Action Demand: अकोला सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय एवं सर्वोपचार अस्पताल में वीलचेयर और स्ट्रेचर जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण एक महिला को अपने ब्रेन स्ट्रोक से पीड़ित रिश्तेदार को पीठ पर उठाकर अस्पताल में उपचार के लिए भटकना पड़ा। इस मुद्दे को लेकर शहर में राजनीति गरमा रही है।
इस घटना के सामने आने के बाद सोमवार को शिवसेना उबाठा के उपनेता एवं विधायक नितिन देशमुख ने अस्पताल पहुंचकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर तीखी नाराजगी जताई। देशमुख ने गोपाल दातकर, मुकेश मुरूमकार तथा अन्य पदाधिकारियों और शिवसैनिकों के साथ सीधे अधिष्ठाता डा. संजय सोनुने से जवाब तलब किया।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब महिला अपने गंभीर रूप से बीमार रिश्तेदार को पीठ पर उठाकर अस्पताल में घूम रही थी, तब वहां मौजूद वार्ड बॉय, सुरक्षा कर्मचारी और अन्य स्टाफ क्या कर रहे थे। इस पर अधिष्ठाता संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। विधायक देशमुख ने अस्पताल की विभिन्न वार्डों का भी निरीक्षण किया और कहा कि कई गंभीर मरीजों को पर्याप्त बेड उपलब्ध नहीं होने के कारण जमीन पर उपचार लेना पड़ रहा है।
उन्होंने अस्पताल प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगले तीन से चार दिनों के भीतर वीलचेयर, स्ट्रेचर और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
विधायक नितिन देशमुख ने कहा कि गंभीर हालत में मरीज को लेकर पहुंची महिला की सहायता के लिए यदि कोई कर्मचारी आगे नहीं आया, तो यह बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने संबंधित वार्ड कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
अकोला GMC एवं अस्पताल में एक गरीब महिला द्वारा अपने रिश्तेदार को उपचार के लिए पीठ पर उठाकर अस्पताल के भीतर ले जाने की घटना को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रकाश तायडे ने। भाजपा सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में स्ट्रेचर उपलब्ध न होना और कर्मचारियों द्वारा सहायता नहीं किए जाने की घटना स्वास्थ्य प्रशासन की बदहाल व्यवस्था को उजागर करती है।
प्रकाश तायडे ने जारी बयान में कहा कि केंद्र से लेकर राज्य तथा स्थानीय स्तर तक सत्ता में रहने के बावजूद भाजपा सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने में विफल रही है। इस पूरी घटना के लिए भाजपा के नेता ही जिम्मेदार हैं।