Akola Child Marriage Prevention News: अकोला जिले के बार्शीटाकली और अकोट तहसीलों में प्रशासन ने समय रहते हस्तक्षेप कर एक ही दिन में पांच बाल विवाह रोकने में सफलता हासिल की। इस कार्रवाई से पांच युवतियों का भविष्य सुरक्षित हो गया।
जानकारी के अनुसार, बार्शीटाकली में एक ही परिवार के दो भाइयों और एक बहन तथा अकोट तहसील के एक गांव की दो बालिकाओं का विवाह तय था। विवाह के लिए बड़ी संख्या में बाराती एकत्र हो चुके थे और रस्में शुरू होने ही वाली थीं। इसी दौरान सूचना मिलने पर महिला व बाल विकास विभाग, जिला बाल संरक्षण कक्ष, चाइल्डलाइन और स्वयंसेवी संस्था की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर विवाह रुकवाया।
जांच में पाया गया कि संबंधित युवतियों की आयु 16 से 17 वर्ष के बीच थी, जबकि एक युवक 18 वर्ष और दूसरा 19 वर्ष का था। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अनुसार विवाह के लिए लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष निर्धारित है, जिससे यह विवाह पूरी तरह अवैध था।
कार्रवाई के दौरान यह भी सामने आया कि दो बालिकाएं कभी स्कूल नहीं गई थीं, जबकि अन्य तीन ने पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी। मामले को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां दोनों पक्षों को कड़ी चेतावनी दी गई और पालकों से लिखित आश्वासन लिया गया कि निर्धारित आयु से पहले विवाह नहीं किया जाएगा।
समिति ने सभी बालिकाओं की शिक्षा पुनः शुरू कराने के निर्देश दिए और बाल विवाह के कानूनी परिणामों की जानकारी दी, जिसमें कारावास और आर्थिक दंड का प्रावधान है।