

Akola Congress Strike Soybean Farmers : अकोला जिले में बारिश की कमी से खरीफ फसलों पर संकट गहराने का दावा करते हुए कांग्रेस नेता अशोक अमानकर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गए हैं।
बुधवार से जिलाधिकारी कार्यालय के सामने शुरू हुए अनशन में सोयाबीन उत्पादकों के लिए ₹50 हजार प्रति हेक्टेयर आर्थिक सहायता समेत तीन प्रमुख मांगें रखी गई हैं।
अकोला जिले में बारिश में देरी और लंबे समय तक बारिश नहीं होने से खरीफ फसलों की स्थिति खराब होने का दावा कांग्रेस नेताओं की ओर से किया गया है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ग्रामीण के पूर्व अध्यक्ष अशोक अमानकर बुधवार से जिलाधिकारी कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गए।
अमानकर के अनुसार, जिले में सोयाबीन का क्षेत्र करीब 2.05 लाख हेक्टेयर है और लगभग डेढ़ लाख किसान इस फसल पर निर्भर हैं। उनका दावा है कि अगस्त में जब सोयाबीन की फसल फूल अवस्था में थी, उस दौरान करीब 40 दिनों तक बारिश नहीं हुई, जिससे फसल प्रभावित हुई है।
अमानकर ने कहा कि किसानों की समस्या को लेकर 8 सितंबर को जिलाधिकारी को निवेदन दिया गया था और जिले को तत्काल अकालग्रस्त घोषित करने की मांग की गई थी। उनके अनुसार, अब तक इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्होंने अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया है।
अनशन के दौरान सरकार के सामने किसानों को लेकर तीन प्रमुख मांगें रखी गई हैं। पहली मांग है कि सोयाबीन की फसल का तत्काल पंचनामा कराया जाए और प्रभावित किसानों को ₹50 हजार प्रति हेक्टेयर के हिसाब से आर्थिक सहायता घोषित की जाए।
दूसरी मांग फसल बीमा धारक किसानों से जुड़ी है। कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि सूखा जैसी परिस्थिति को देखते हुए पात्र किसानों को तत्काल फसल बीमा की राशि उपलब्ध कराई जाए।
तीसरी मांग खेतिहर मजदूरों के लिए रोजगार से संबंधित है। नेताओं का कहना है कि फसल प्रभावित होने के कारण खेतों में मजदूरों को काम नहीं मिल रहा है। ऐसे में तत्काल रोजगार गारंटी योजना के काम शुरू किए जाएं।
अकोला जिले में अशोक अमानकर के अनशन के दौरान किसान कांग्रेस नेता डॉ. सुभाषचंद्र कोरपे, अतुल अमानकर और अन्य कांग्रेस नेता मौजूद रहे। किसान कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर किसानों की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं देने का आरोप लगाया।
कांग्रेस महानगराध्यक्ष महेंद्र गवई ने कहा कि जिले में खरीफ फसलें प्रभावित हो रही हैं और किसानों की स्थिति खराब है। उन्होंने सरकार से किसानों की समस्या पर गंभीरता से ध्यान देकर तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।
अनशन मंडप पर मनीष मिश्रा, देवराव पाटिल हागे, शरद वानखडे, मो. खालिद, हरिश्चंद्र भांगे, अतुल काठोले, नानासाहब देशमुख, अशोक मेतकर, प्रशांत प्रधान और अशरफ खान सहित कई नेता मौजूद रहे।