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अकोला में संजय गांधी निराधार योजना के दिव्यांग और निराश्रित लाभार्थियों का पिछले 6-7 महीनों का मानधन बकाया है।
आंदोलन की चेतावनी के बाद प्रशासन ने लाभार्थियों के खातों में केवल एक महीने का मानधन जमा कराया।
शेष बकाया राशि के भुगतान के लिए सरकार से निधि की मांग की गई है, लेकिन भुगतान की निश्चित तारीख स्पष्ट नहीं है।
Akola Disabled Beneficiaries: संजय गांधी निराधार योजना के तहत दिव्यांग और निराश्रित लाभार्थियों का पिछले 6 से 7 महीनों का मानधन अब तक बकाया है। आंदोलन की चेतावनी के बाद प्रशासन ने केवल एक महीने का मानधन लाभार्थियों के खातों में जमा कराया। शेष राशि के लिए सरकार से निधि की मांग किए जाने की जानकारी दी गई है, लेकिन भुगतान की निश्चित तारीख स्पष्ट नहीं है। महाराष्ट्र राज्य अपंग कर्मचारी व दिव्यांग बेरोजगार संगठन ने गुरुवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं।
संगठन के जिलाध्यक्ष संजय बरडे, सचिव मोहम्मद अजिज और दिव्यांग कर्मचारी संगठन के जिलाध्यक्ष दिलीप सरदार के नेतृत्व में पहले भी जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर आंदोलन की चेतावनी दी गई थी। इसके बाद प्रशासन ने एक महीने का मानधन जमा कराया, लेकिन बाकी महीनों की राशि अब भी नहीं मिली है। सरकार से निधि उपलब्ध कराने की मांग की गई है, परंतु राशि कब मिलेगी, यह स्पष्ट नहीं हुआ है।
सरकार से निधि की मांग किए जाने की जानकारी मिलने के बाद संगठन ने प्रस्तावित आंदोलन फिलहाल स्थगित कर दिया है। संगठन ने उन दिव्यांग लाभार्थियों से अपील की है, जिनके पास ऑफलाइन दिव्यांग प्रमाणपत्र हैं, वे प्रमाणपत्र ऑनलाइन कराकर संबंधित तहसील कार्यालय में जमा करें।
जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते समय संगठन के जिलाध्यक्ष संजय बरडे, बेरोजगार विभागीय अध्यक्ष सुधीर कडू, श्रीकांत देशमुख, अनिल सरदार, अमोल राठोड, काशिनाथ सरोदे, नूरखां, मीना बोचरे, अरुणा लाजुरकर, मंगेश गावंडे और मुक्ता म्हैसणे सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
संगठन के प्रयासों से करीब 2,000 दिव्यांग लाभार्थियों को योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि, बकाया मानधन के लिए निधि उपलब्ध होना जरूरी है। समय पर राशि नहीं मिलने से आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे लाभार्थियों को अब भी इत्तजार करना पड़ रहा है।