

नौ महीने में डेंगू के 155 और चिकनगुनिया के 103 मरीज।
डेंगू के 81 मरीज अकोला शहर और 74 ग्रामीण क्षेत्रों में मिले।
चिकनगुनिया के 58 मरीज शहर और 45 गांवों में दर्ज हुए।
मलेरिया के 2.98 लाख से अधिक नमूनों की जांच में 30 मरीज मिले।
स्वास्थ्य विभाग ने हर सप्ताह सूखा दिवस मनाने की अपील की।
Akola Dengue Cases Chikungunya: अकोला में एक ओर सूखे की स्थिति है, तो दूसरी ओर मच्छरजनित बीमारियां स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा रही हैं। जनवरी से सितंबर 2026 के बीच जिले में डेंगू के 155 और चिकनगुनिया के 103 मरीज दर्ज किए गए। डेंगू और चिकनगुनिया के मामले शहर के साथ ग्रामीण इलाकों में भी सामने आए हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से पानी जमा नहीं होने देने और सप्ताह में एक दिन सूखा दिवस मनाने की अपील की है।
अकोला जिले में मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम स्वास्थ्य विभाग के सामने चुनौती बनी हुई है। जनवरी से सितंबर 2026 के दौरान डेंगू के 155 और चिकनगुनिया के 103 मरीज दर्ज किए गए। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में डेंगू और मलेरिया के मामलों में कमी आई है।
डेंगू के कुल 155 मरीजों में से 81 अकोला शहर और 74 ग्रामीण क्षेत्रों में पाए गए। वहीं, चिकनगुनिया के 103 मरीजों में 58 शहर और 45 ग्रामीण इलाकों के हैं। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि संक्रमण का खतरा केवल शहर तक सीमित नहीं है।
जनवरी से सितंबर 2026 के दौरान जिले में मलेरिया की जांच के लिए कुल 2,98,256 नमूनों की जांच की गई। इनमें 30 लोग संक्रमित पाए गए। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. जावेद खान के अनुसार, ये सभी मरीज अकोला जिले के निवासी नहीं हैं, बल्कि अन्य जिलों से संबंधित हैं।
पिछले वर्ष सितंबर तक मलेरिया के 370 मरीज दर्ज किए गए थे, जबकि इस वर्ष यह संख्या घटकर 30 रह गई है। डेंगू के मामलों में भी पिछले वर्ष की तुलना में कमी दर्ज की गई है।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. जावेद खान ने नागरिकों से मच्छरों की उत्पत्ति रोकने के लिए नियमित सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सूखे की स्थिति में भी घरों और आसपास के ऐसे स्थानों पर ध्यान देना जरूरी है, जहां पानी जमा हो सकता है।
इसके लिए सप्ताह में एक दिन सूखा दिवस मनाने की सलाह दी गई है। इस दिन कूलर, गमलों, बर्तनों और अन्य पात्रों में जमा पानी खाली करना चाहिए। पानी की टंकियों को साफ रखने और उन्हें ढककर रखने पर भी जोर दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिबंधात्मक उपाय किए जा रहे हैं। मच्छरों की संख्या नियंत्रित करने के लिए कीटनाशक छिड़काव भी किया जा रहा है। विभाग ने नागरिकों से अपने घरों और आसपास साफ-सफाई रखने तथा पानी जमा होने से रोकने की अपील की है।