अजित पवार के ये शब्द आज भी गूंज रहे, शांति-अहिंसा के मार्ग पर राज्य को प्रगतिशील बनाने का था संकल्प

Wardha District News: अजीत पवार ने सेवाग्राम आश्रम के तीन दौरों में गांधीजी के विचारों को अपनाकर महाराष्ट्र और भारत को शांति व अहिंसा के मार्ग पर प्रगतिपथ पर ले जाने का संकल्प दोहराया।
Ajit Pawar's words still resonate today; he was determined to make the state progressive on the path of peace and non-violence.
Ajit Pawar, Sevagram Ashram,(AI Generated Image)
Published on
Updated on

Sevagram Ashram News: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने सेवाग्राम आश्रम से स्वतंत्रता संग्राम को दिशा दी थी। वर्धा जिला स्वतंत्रता संग्राम का केंद्र रहा है। सेवाग्राम के गांधी आश्रम का तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने 5 दिसंबर 2010 को दौरा किया था। इस पवित्र स्थल पर अपनी टिप्पणी में उन्होंने कहा था, गांधीजी के विचारों और कार्यों के आदर्श को सामने रखते हुए राज्य को प्रगतिपथ पर ले जाने का प्रयास हम पूरे मन से करेंगे। अजीत पवार ने सेवाग्राम आश्रम का तीन बार दौरा किया।

दादा 3 बार पहुंचे सेवाग्राम आश्रम

5 दिसंबर 2010 को पहली बार उन्होंने गांधी आश्रम का दौरा किया। उस समय उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र राज्य के उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी मैंने हाल ही में संभाली थी। इस पृष्ठभूमि में बापू कुटी में महात्मा गांधी की स्मृति को नमन किया। इस संदर्भ में अभिप्राय दर्ज करते हुए लिखा कि इस स्थल पर आने की मेरी मनोइच्छा आज पूरी हुई, जिससे मुझे संतोष मिला। गांधीजी के विचारों और उनके आदर्शों को अपनाकर राज्य को प्रगतिपथ पर ले जाने का मेरा संकल्प है। बापू की स्मृति को विनम्न नमन। यह अभिप्राय सेवाग्राम आश्रम की अभिप्राय रजिस्टर में दर्ज किया गया।

बापू के मार्ग पर चलने की कही बात

अजित पवार ने 15 दिसंबर 2013 को आश्रम का दौरा किया। इसके बाद 2 अक्टूबर 2014 को उन्होंने महात्मा गांधी को नमन करने हेतु आश्रम का दौरा किया। उस दिन उन्होंने कहा, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर सेवाग्राम आने का मुझे अवसर मिला। इसे मैं अपना भाग्य मानता हूं। शांति और अहिंसा के मार्ग से क्या संभव है, इसका आदर्श संपूर्ण विश्व के सामने महात्मा गांधी ने प्रस्तुत किया है। भारत को आगे बढ़ने के लिए इसी मार्ग पर चलना होगा। इससे भारत एक दिन महान शक्ति बनेगा और विश्व इसे देखेगा, इसमें मुझे पूर्ण विश्वास है। आज मैं महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और उनका अभिवादन करता हूं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com