

Sangamner Shiv Sena Meeting: सरकारी समितियों में तय मानदंडों के अनुसार शिवसेना को प्राथमिकता दिलाने के लिए वे पालकमंत्री से चर्चा करेंगे और शिवसेना पदाधिकारियों के साथ किसी प्रकार का अन्याय नहीं होने देंगे, ऐसा आश्वासन अहिल्यानगर संपर्क प्रमुख तथा उद्योग मंत्री उदय सामंत ने शिवसेना पदाधिकारियों को दिया। नासिक और अहिल्यानगर जिलों का संपर्क प्रमुख नियुक्त होने के बाद मंत्री उदय सामंत पहली बार संगमनेर पहुंचे।
इस दौरान संगमनेर, श्रीरामपुर और नेवासे में शिवसेना पदाधिकारियों की बैठकें आयोजित की गईं। संगमनेर विधायक अमोल खताल के संपर्क कार्यालय में आयोजित बैठक में पूर्व सांसद सदाशिव लोखंडे, शिवसेना जिला प्रमुख कमलाकर कोटे, प्रवक्ता संजीव भोर, युवा सेना जिला प्रमुख शुभम वाघ, जिला संगठक विट्ठल घोरपड़े, उपजिला प्रमुख मारुति मेंगल, तालुका प्रमुख रामभाऊ रहाणे, महिला उपजिला प्रमुख दीपाली वाव्हल, युवा सेना डिप्टी डिस्ट्रिक्ट चीफ सौरभ देशमुख तथा सिटी चीफ सार्थक शेवाले सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे।
मंत्री सामंत ने कहा कि शिवसेना प्रमुख तथा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उन्हें नासिक और अहिल्यानगर जिलों के संपर्क प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपी है। उसी के तहत नासिक जिले के दो लोकसभा क्षेत्रों की समीक्षा करने के बाद वे अहिल्यानगर जिले में पहुंचे हैं। शिरडी लोकसभा क्षेत्र के संगठनात्मक ढांचे की समीक्षा की जाएगी और दोनों लोकसभा क्षेत्रों में शिवसेना को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
पुणे जिले के नसरापुर में बच्ची को प्रताड़ित कर उसकी हत्या किए जाने की घटना की निंदा करते हुए मंत्री सामंत ने कहा कि इस प्रकार की मानसिकता बेहद घृणित है। पुलिस को ऐसे अपराधों पर हमेशा के लिए रोक लगाने हेतु कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में इतनी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए कि कोई भी व्यक्ति जिले, राज्य या देश में इस तरह का अपराध करने की हिम्मत न कर सके।
मंत्री सामंत ने कहा कि उद्योग विभाग अपना फंड स्वयं जुटाता है, इसलिए विभाग को अलग से फंड की आवश्यकता नहीं है। विधायक अमोल खटाल ने MIDC की मांग की थी, जिसे मंजूरी मिल चुकी है। अगले दो महीनों में इस परियोजना पर वास्तविक काम शुरू हो जाएगा।
मंत्री सामंत ने कहा कि शिवसेना शक्ति एक्ट के खिलाफ नहीं है, बल्कि पार्टी इस कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने के पक्ष में है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सरकार के सभी प्रतिनिधि इस कानून को जल्द लागू करने के लिए प्रयासरत हैं। महिलाओं पर अत्याचार की घटनाओं को रोकने के लिए कानून का सख्ती से पालन होना बेहद जरूरी है।