‘गलती का पछतावा है तो घर लौट आएं…’, संजय राउत का शिंदे गुट को खुला ऑफर, लेकिन रख दी ये बड़ी शर्त!
Sanjay Raut Statement: शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने शिंदे गुट के नेताओं को वापस लौटने का न्योता दिया है। अब्दुल सत्तार के बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ गया है।
- Written By: आकाश मसने
संजय राउत (सोर्स: सोशल मीडिया)
Sanjay Raut Offer To Shinde Faction Leaders: महाराष्ट्र में इस समय विधान परिषद चुनाव को लेकर सियासत तेज है। शिवसेना (यूबीटी) के फायरब्रांड नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने मंगलवार को एक बड़ा बयान देते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ गए असंतुष्ट नेताओं को घर वापसी का खुला ऑफर दे दिया है।
संजय राउत का शिंदे गुट के नेताओं को खुला ऑफर
संजय राउत ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के असंतुष्ट नेताओं काे खुला ऑफर देते हुए कहा कि साल 2022 में जो नेता उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर गए थे, अगर आज उन्हें अपनी गलती का पछतावा हो रहा है, तो उनके लिए उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के दरवाजे खुले हैं। हालांकि, राउत ने इसके साथ एक बड़ी शर्त जोड़ते हुए यह भी साफ कर दिया कि कुछ गद्दारों को पार्टी में दोबारा किसी भी कीमत पर शामिल नहीं किया जाएगा।
Shirdi, Maharashtra: Shiv Sena (UBT) leader Sanjay Raut says, “…However, if there are people in the Shinde group who feel that they have done something wrong or acted unfairly towards the party and believe they should repent, then the doors of Shiv Sena will remain open for… pic.twitter.com/7vJajoTuQ4 — IANS (@ians_india) June 2, 2026
सम्बंधित ख़बरें
महायुति में बढ़ी दरार! फडणवीस की बैठक से शिंदे गायब, सीट बंटवारे पर बढ़ी रार, महाराष्ट्र में सियासी भूचाल
अब्दुल सत्तार की बढ़ेगी मुश्किल, BJP पर आरोप पड़ेगा भारी? सीएम और डिप्टी सीएम ने बुलाई आपात बैठक
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में बगावत का विस्फोट! महायुति और MVA के सामने बागी बने मुसीबत, देखें पूरी लिस्ट
नागपुर MLC चुनाव: BJP-कांग्रेस समेत 5 उम्मीदवारों ने भरा नामांकन, अब चुनावी रण में उतरे दावेदार
संजय राउत का भाजपा पर तीखा हमला
संजय राउत ने अहिल्यानगर के शिरडी में मीडिया से बात करते हुए भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि भाजपा जिस तरह उनका अपमान कर रही है, उससे उन्हें लग रहा है कि उन्होंने गलत फैसला लिया था तो उन्हें उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी में वापस आ जाना चाहिए।
अब्दुल सत्तार के बयान के बाद आई राउत की टिप्पणी
संजय राउत यह बयान राज्य के पूर्व मंत्री और शिंदे गुट के नेता अब्दुल सत्तार के उस बयान के एक दिन बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि भाजपा ने शिवसेना (यूबीटी) के हाथ-पैर काट दिए, उसने छत्रपति संभाजीनगर जिले में शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का सिर ही काट दिया। सत्तार ने यह भी कहा था कि यदि ‘बड़ा भाई ही हमें खत्म करने पर तुला हो’ तो शिवसेना-भाजपा गठबंधन का कोई औचित्य नहीं रह जाता।
इस सवाल पर कि क्या दोनों शिवसेना दलों को फिर से एकसाथ आ जाना चाहिए, तो सत्तार ने हां में जवाब दिया था। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में मूल गठबंधन में भाजपा कभी ‘बड़ा भाई’ नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि अविभाजित शिवसेना ही गठबंधन की सबसे बड़ी साझेदार थी और भाजपा इस स्थिति को स्वीकार नहीं कर सकी, इसलिए उसने पार्टी को तोड़ दिया।
शिंदे गुट वास्तविक राजनीतिक दल नहीं
संयज राउत ने आरोप लगाया कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना कोई वास्तविक राजनीतिक दल नहीं है, बल्कि उसका अस्तित्व निर्वाचन आयोग की भ्रष्ट प्रक्रियाओं का परिणाम है। शिवसेना के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर जारी कानूनी मुद्दे पर जब भी उच्चतम न्यायालय का फैसला आएगा, वह उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के पक्ष में होगा।
शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत ने कहा कि शिरडी हमेशा से ही शिवसेना का गढ़ रहा है। यहां के सांसद पिछले 20 सालों से शिवसेना के ही रहे हैं, और अगले 2-3 सालों तक कोई चुनाव भी नहीं होने हैं। पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा है कि हम पार्टी को और मज़बूत करेंगे। हमारे पार्टी कार्यकर्ताओं की एक रैली आयोजित की जा रही है।
Shirdi, Maharashtra: Shiv Sena (UBT) leader Sanjay Raut says, “Shirdi has always been a stronghold of the Shiv Sena. The MP here has been from Shiv Sena for the last 20 years, and there are no elections for the next 2–3 years. Party chief Uddhav Thackeray has said that we will… pic.twitter.com/AaYTYNZazF — IANS (@ians_india) June 2, 2026
इस बीच, शिवसेना (यूबीटी) प्रवक्ता सुषमा अंधारे ने भी सत्तार के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हमें शुरू से पता था कि भाजपा धीमे जहर की तरह है। लेकिन सत्तार भाई, आप सत्ता चाहते थे, इसलिए आप मजबूर थे।
