अहिल्यानगर में मंत्रोच्चार के नाम पर हो रहा था ये खेल! दत्तधाम दरबार पर पुलिस का छापा, भोंदूबाबा गिरफ्तार

Ahilyanagar Fake Baba News: अहिल्यानगर के संगमनेर में दिव्य शक्तियों से कैंसर के इलाज का दावा करने वाले राजेंद्र गडगे का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। दत्तधाम दरबार से संदिग्ध दवाइयां भी जब्त की।
Sangamner Fake Baba Rajendra Gadge Arrested
भोंदूबाबा राजेंद्र गडगे गिरफ्तार (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Sangamner Fake Baba Rajendra Gadge Arrested: महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के संगमनेर में श्रद्धा और अंधविश्वास के बीच की बारीक लकीर का फायदा उठाकर लोगों की जिंदगी से खेलने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। अहिल्यानगर की संगमनेर पुलिस ने कथित दिव्य शक्तियों और मंत्रोच्चार के जरिए कैंसर जैसी लाइलाज बीमारियों को ठीक करने का दावा करने वाले स्वयंभू बाबा राजेंद्र गडगे को बेनकाब कर दिया है।

क्या है पूरा मामला?

मंत्रोच्चार और कथित दिव्य शक्तियों के नाम पर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों को ठीक करने का झूठा दावा करने वाले भोंदू राजेंद्र गडगे का भंडाफोड़ हो गया है। संगमनेर पुलिस ने जांच के तहत आरोपी गडगे को उसके ही वडगांवपान स्थित 'दत्तधाम' दरबार में लेकर पहुंची और वहां से अहम सबूत जुटाए। अदालत ने राजेंद्र गडगे और उसके साथी मधुकर शिंदे को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है। इसी हिरासत अवधि के दौरान पुलिस ने जांच तेज करते हुए उस स्थान की तलाशी ली, जहां कथित तौर पर सैकड़ों श्रद्धालुओं के साथ ठगी की गई थी। पुलिस ने आरोपी को उसी दरबार में ले जाकर पूरे परिसर की गहन तलाशी ली। इस दौरान कई महत्वपूर्ण सबूत बरामद किए गए। जांच दल में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी शामिल किया गया है, क्योंकि आरोपी बिना किसी अनुमति के मरीजों को कथित रूप से स्वयं तैयार की गई दवाइयां देता था। पुलिस ने दरबार से कई औषधियों के नमूने जब्त किए हैं, जिन्हें अब प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जाएगा। इन दवाओं की गुणवत्ता और संरचना की जांच की जाएगी।

जादू टोना और धोखाधड़ी का मामला दर्ज

इस मामले में अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति की राज्य सचिव रंजना गावांडे ने शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने जादूटोना विरोधी कानून, धोखाधड़ी और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि यह पूरा रैकेट लोगों की आस्था का दुरुपयोग कर आर्थिक और मानसिक शोषण कर रहा था, इस गिरोह से जुड़े तीन अन्य आरोपी अभी फरार है, जिनकी तलाश जारी है।

कई जिलों में फैला था नेटवर्क

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि राजेंद्र गडगे ने सिर्फ संगमनेर ही नहीं, बल्कि नासिक और अहिल्यानगर जिले के कई लोगों को भी ठगी का शिकार बनाया है। पुलिस अब उसके बैंक खातों, लेन-देन और पुराने मामलों की भी गहन जांच कर रही है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में अवैध बाबागिरी और अंधविश्वास के नाम पर चल रहे फर्जी इलाज नेटवर्क पर बड़ी चोट मानी जा रही है।

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