महाराष्ट्र में बड़ी कर्ज माफी का काउंटडाउन शुरू: कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने 30 जून की समयसीमा तय की
Maharashtra Farmer Loan Waiver: महाराष्ट्र सरकार 30 जून 2026 से पहले किसान कर्ज माफी की घोषणा करेगी। कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने डेटा जुटाने और नई एआई नीति की जानकारी साझा की।
- Written By: अनिल सिंह
Dattatray Bharane Agriculture Minister News (डिजाइन फोटो)
Dattatray Bharane Agriculture Minister News: महाराष्ट्र के कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने राज्य के संकटग्रस्त किसानों के लिए एक ऐतिहासिक राहत पैकेज की नींव रख दी है। विधान परिषद में चर्चा का जवाब देते हुए भरणे ने ऐलान किया कि राज्य सरकार 30 जून 2026 से पहले किसान कर्ज माफी को लेकर अंतिम निर्णय की घोषणा करेगी। पिछले एक साल में हुई बेमौसम और भारी बारिश के कारण फसलों को हुए व्यापक नुकसान को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और दोनों उपमुख्यमंत्रियों की सहमति के बाद अब इस योजना को अमलीजामा पहनाने की प्रक्रिया तेज हो गई है।
इस घोषणा के साथ ही महाराष्ट्र सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर युद्ध स्तर पर काम शुरू कर दिया है। सरकार ने बैंकों और जिला सहकारी समितियों से जून 2025 तक के बकाया ऋण वाले किसानों का पूरा विवरण मांगा है। अब तक लगभग 74 हजार किसानों की जानकारी राज्य सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर अपडेट की जा चुकी है, जबकि अन्य पात्र किसानों का डेटा जुटाने की प्रक्रिया जारी है। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी और कर्ज माफी के स्वरूप को तय करने के लिए प्रवीण परदेशी की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो अप्रैल के पहले सप्ताह में अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी।
प्रौद्योगिकी आधारित खेती और ‘माई एग्री’ एआई नीति
कृषि मंत्री ने केवल कर्ज माफी ही नहीं, बल्कि कृषि के आधुनिकीकरण के लिए भी महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। महाराष्ट्र देश का पहला राज्य बन गया है जिसने कृषि के लिए एक समर्पित ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) नीति’ तैयार की है। ‘माई एग्री’ एआई नीति के तहत ड्रोन, रोबोटिक्स और जनरेटिव एआई का उपयोग कर सटीक मौसम पूर्वानुमान, कीटों की पूर्व चेतावनी और सिंचाई प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए राज्य स्तर पर एक नवाचार केंद्र और चार कृषि विश्वविद्यालयों में एआई अनुसंधान केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जो किसानों को उत्पादन लागत कम करने और बाजार मूल्यों का सटीक अनुमान लगाने में मदद करेंगे।
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‘महाविस्तार’ ऐप और मोबाइल क्रांति
किसानों को सशक्त बनाने के लिए कृषि विभाग द्वारा विकसित ‘महाविस्तार’ मोबाइल ऐप एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। मंत्री भरणे ने बताया कि वर्तमान में 30 लाख से अधिक किसान इस ऐप का उपयोग कर रहे हैं। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसान अपने घर बैठे ही फसल की खेती की तकनीक, रोग नियंत्रण के उपाय, जल और उर्वरक प्रबंधन की बारीकियां और मंडियों में चल रहे ताजा बाजार भावों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह ऐप कृषि विभाग और किसानों के बीच एक सीधा सेतु बनकर उभरा है, जिससे बिचौलियों की भूमिका कम हुई है।
मुफ्त बिजली और बुनियादी ढांचे का विस्तार
सरकार ने किसानों के लिए आर्थिक बोझ कम करने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री बलिराज मुफ्त बिजली योजना’ को भी प्रभावी ढंग से लागू किया है। इसके तहत 7.5 हॉर्सपावर तक के कृषि पंपों को मुफ्त बिजली प्रदान की जा रही है, जिसके लिए पिछले दो वर्षों में ₹41,415 करोड़ की भारी सब्सिडी वितरित की जा चुकी है। इसके अलावा, ‘मुख्यमंत्री बलिराज शेट पनांद रास्ता योजना’ के जरिए किसानों के खेतों तक पक्की सड़कें पहुंचाई जा रही हैं। सरकार का लक्ष्य है कि ऋण माफी, आधुनिक तकनीक और बेहतर बुनियादी ढांचे के मेल से महाराष्ट्र के किसानों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाया जा सके।
