(फोटो सोर्स सोशल मिडिया)
नासिक : विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद चुनाव के दौरान अपने ही उम्मीदवार के खिलाफ बगावत करने वाले भाजपा के बागी कार्यकर्ताओं ने अब घर वापसी के प्रयास शुरु कर दिए हैं। लेकिन, उनकी घर वापसी का पार्टी के वफादारों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। पार्टी के वफादारों ने कहा है कि यदि बगावत करने वालों को फिर से पार्टी में शामिल किया जाता है तो वे सामूहिक इस्तीफा देंगे।
हालांकि, वापसी के लिए भाजपा में बगावत करने वालों ने पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करना शुरू कर दिया है। वहीं, पार्टी के निष्ठावानों ने स्पष्ट किया है कि वे बगावत करने वालों का विरोध करना जारी रखेंगे। इस संबंध में महाराष्ट्र भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले और पूर्व ग्राम विकास मंत्री गिरीश महाजन को बगावत करने वालों की रिपोर्ट भी सौंपी जाएगी।
इस रिपोर्ट में कुछ वरिष्ठ पूर्व नगरसेवकों के नाम भी शामिल हैं जिन्होंने चुनाव में विरोधी भूमिका निभाई थी। हाल ही में सम्पन्न हुए विधानसभा चुनाव में नासिक शहर के 3 निर्वाचन क्षेत्रों के साथ-साथ चांदवड़ और बागलाण में भी भाजपा में बगावत हुई थी। इस दौरान पार्टी के सर्वाधिक नाराज सदस्यों ने अपने ही उम्मीदवारों के खिलाफ नामांकन पत्र दाखिल कर भाजपा के उम्मीदवारों को परेशानी में डाल दिया था। पूर्व नगरसेवक गणेश गिते, कमलेश बोडके, दिनकर पाटिल सहित 16 लोगों ने पार्टी के खिलाफ बगावत की थी।
नासिक पश्चिम में भाजपा की उम्मीदवार विधायक सीमा हिरे के खिलाफ पूर्व सभागृह नेता दिनकर पाटिल ने मनसे से उम्मीदवारी की थी। चांदवड़ में विधायक डॉ. राहुल आहेर के खिलाफ केदा आहेर ने बगावत की थी, जबकि जयश्री गरुड ने बालगाण में दिलीप बोरसे के खिलाफ बगावत की थी। इसके अलावा इंदुमती नागरे, पल्लवी पाटील, मुधकर हिंगमिरे, रवींद्र धिवरे ने विरोधी पक्ष के उम्मीदवारों का प्रचार किया था।
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इसके कारण पार्टी ने 7 पूर्व नगरसेवकों सहित 16 लोगों को पार्टी से निकालने की कार्रवाई की थी। लेकिन, अब चुनाव के बाद राज्य में महायुती की सरकार बनने की संभावना को देखते हुए इन बगावत करने वालों में से कुछ ने फिर से भाजपा नेताओं से मुलाकात कर घर वापसी की कोशिश शुरू कर दी है। हालांकि, उनके प्रयासों का भाजपा के पदाधिकारियों ने विरोध किया है और वफादारों ने सामूहिक इस्तीफे का इशारा भी किया है।