मुंबई, ठाणे और पुणे में बाढ़ को लेकर आदित्य ठाकरे ने महाराष्ट्र सरकार पर साधा निशाना, साथ में अश्विनी वैष्णव को भी लपेटे में लिया
आदित्य ठाकरे ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि मुंबई में वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर बुधवार को पानी भर गया। इससे पहले 2005 में 26 जुलाई को बारिश के कारण सड़क पर पानी भर गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि जब ऐसी घटनाएं होती हैं तो मुंबई में लोगों को राहत पहुंचाने के लिए तंत्र नदारद है।
- Written By: विकास कुमार उपाध्याय
आदित्य ठाकरे (फोटो सौजन्यः सोशल मीडिया)
मुंबई : मुंबई, ठाणे और पुणे में झमाझम बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में शिवसेना (UBT) नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने बाढ़ को लेकर आज यानी बृहस्पतिवार को एकनाथ शिंदे राज्य सरकार को लपेटे में ले लिया है। महा
उन्होंने कहा, ‘‘हम (अविभाजित शिवसेना जिसका 1997 से 2022 तक मुंबई नगर निगम पर नियंत्रण था) हमेशा वहां होते थे, लेकिन कल मुंबई, पुणे और ठाणे में लोगों की मदद के लिए शिवसेना-भाजपा का कोई भी व्यक्ति वहां नहीं था।
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स्थिति से निपटने के लिए नगर निकायों का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं दिखा।” उन्होंने और आगे कहा कि मुंबई में हिंदमाता जैसे स्थान, जहां बाढ़ से निपटने के लिए कदम उठाए गए थे, वे भी जलमग्न हो गए। उन्होंने कहा कि शहर में 400 पंप और पांच पंपिंग स्टेशन हैं, लेकिन वे प्रभावी ढंग से काम नहीं कर रहे हैं।
पूर्व मंत्री ने यह भी दावा किया कि पिछले ढाई साल से 15 सहायक नगर आयुक्तों की नियुक्ति नहीं की गई है। आदित्य ठाकरे ने पूछा, ‘‘स्थानीय प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति में लोग अपने मुद्दों को लेकर कहां जाएंगे।” उन्होंने कहा कि नगर निकायों के चुनाव जल्द से जल्द कराए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य में नगर निकायों का संचालन प्रशासकों द्वारा किया जाता है, जो शहरी विकास विभाग को रिपोर्ट करते हैं, जो मुख्यमंत्री के अधीन है। बारिश के कारण ट्रेनों की देरी और भीड़भाड़ को लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पर भी निशाना साधा।
एजेंसी इनपुट के साथ।
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