अपराधियों में मचा हड़कंप, स्वारगेट कांड का दिखा साइड इफेक्ट, मुंबई पुलिस ने चलाया ऑपरेशन ऑल आउट
पुणे के स्वारगेट एसटी बस डेपो में घटित हुई 26 वर्षीय युवती से दुष्कर्म की घटना ने सरकार को हिला कर रख दिया है। उल्लेखनीय यह है कि स्वारगेट डेपो शिवशाही बस में दुष्कर्म की घटना का आरोपी एक वांछित हिस्ट्रीशीटर निकला।
- Written By: प्रिया जैस
मुंबई पुलिस (सौजन्य-सोशल मीडिया)
मुंबई: पुणे के स्वारगेट एसटी बस डेपो में घटित हुई 26 वर्षीय युवती से बलात्कार की घटना का आरोपी एक वांछित हिस्ट्रीशीटर निकला। इसलिए सरकार ने राज्य के सभी जिलों की पुलिस के प्रमुखों को सुरक्षा व्यवस्था फिर से चाक चौबंद करने का फरमान जारी कर दिया है। स्वारगेट की घटना का साइड इफेक्ट मुंबई में देखने को मिला है। जहां मुंबई पुलिस ने रिकॉर्डधारी अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान ‘ऑपरेशन ऑल आउट’ चलाया। इससे अपराधियों में हड़कंप मच गया है।
बदलापुर रेपकांड के कारण मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र की महायुति सरकार पहले ही काफी परेशानी झेल चुकी थी। उस पर स्वारगेट की घटना के बाद विपक्ष को सरकार पर निशाना साधने का एक और बड़ा मौका मिल गया है। इसलिए भविष्य में मुंबई में बदलापुर व स्वारगेट जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार के निर्देश पर मुंबई पुलिस ने 28 फरवरी 2025 से 1 मार्च 2025 के बीच विशेष अभियान चलाया।
पुलिस आयुक्त विवेक फणसलकर, विशेष पुलिस आयुक्त देवेन भारती के मार्गदर्शन तथा संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून व सुव्यवस्था) के नेतृत्व में चलाए गए इस विशेष अभियान यानी ऑपरेशन ऑलआऊट में सभी 5 क्षेत्रीय संभागों के अतिरिक्त पुलिस आयुक्तों एवं उनके अंतर्गत आनेवाले सभी 13 पुलिस उपायुक्तों, सहायक पुलिस आयुक्तों एवं पुलिस थानों के प्रभारियों सहित प्रमुख अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
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12 वांछित दबोचे गए
मुंबई पुलिस ने मुंबई के सभी पुलिस स्टेशनों की हद में शुक्रवार को आधी रात के बाद ऑपरेशन ऑल आउट चलाया। इस ऑपरेशन के दौरान 207 स्थानों पर कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया। इस कार्रवाई में 12 वांछित एवं फरार चल रहे आरोपियों को गिरफ्तार करके पुलिस ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। इसी तरह अवैध शस्त्र रखनेवाले 16 अपराधियों को भी दबोचा। कार्रवाई के दौरान 54 अपराधियों के खिलाफ मुंबई पुलिस कानून की धारा 142 के तहत कार्रवाई की गई। जुए एवं अवैध धंधों में संलिप्तता के कारण पुलिस ने 16 जगहों पर छापेमारी की।
तो वहीं मादक पदार्थ रखनेवाले 15 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने 46 आरोपियों के खिलाफ गैरजमानती तो वहीं 25 के खिलाफ स्टैंडिंग वारंट जारी किया। इसी तरह महाराष्ट्र पुलिस कानून की धारा 120, 122 के तहत 56 संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई की गई। तो वहीं पुलिस ने 113 जगहों पर नाकाबंदी करके 6,901 वाहनों की जांच की। इनमें 1891 वाहन चालकों के खिलाफ मोटर वाहन कानून तो वहीं 70 के खिलाफ ड्रंक एंड ड्राइव के लिए कार्रवाई की गई।
4 किए गए तड़ीपार
इसी दौरान जोन 7 के डीसीपी विजयकांत सागर के आदेश पर पंतनगर पुलिस ने 19 वर्षीय साहिल नसीर शेख, 29 वर्षीय राहुल बत्रा, तो वहीं कांजुरमार्ग पुलिस ने सिद्धेश चालके एवं मुलुंड पुलिस ने नवनीत उर्फ जीवा पांडे को मुंबई, ठाणे एवं नई मुंबई पुलिस की हद से तड़ीपार कर दिया है।
ड्रग्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंसी पॉलिसी
पुलिस महकमें को चाक-चौबंद बनाने के प्रयासों के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुलिस के कर्मचारियों एवं अधिकारियों को बड़ी चेतावनी दी है। शनिवार को ठाणे के साकेत मैदान पर 35 वीं राज्य स्तरीय पुलिस खेलकूद प्रतियोगिता के समापन के मौके पर प्रतियोगिता में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली महिला पुलिस एवं पुरुष पुलिस टीमों को पुरस्कार प्रदान करने के दौरान मुख्यमंत्री फडणवीस ने ड्रग्स मामले में जीरो टॉलरेंसी पॉलिसी अपनाने का निर्देश अधिकारियों को दिया।
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उन्होंने साफ शब्दों में कह दिया कि यदि किसी भी रैंक का पुलिस अधिकारी या कर्मचारी ड्रग मामले में संलिप्त पाया जाता है तो उसे निलंबित नहीं बल्कि तुरंत बर्खास्त कर दिया जाएगा। फडणवीस ने कहा। यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा कि महिलाओं के विरुद्ध हिंसा के मामलों में आरोप पत्र समय पर दाखिल किए जाएं। उस पर नजर रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि नए कानून के तहत किसी अपराध के सिलसिले में जब्त की गई लोगों की संपत्ति वापस करने का प्रावधान को जल्द ही क्रियान्वित किया जाएगा। लोगों की संपत्ति छह महीने के भीतर वापस की जानी चाहिए।
