

Heavy Waterlogging In Vidisha: विदिशा शहर में आज मौसम ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि कुछ ही घंटों की बारिश ने प्रशासन के दावों की पोल खोलकर रख दी दोपहर बाद आसमान में अचानक घने काले बादल छा गए और देखते ही देखते दिन में ही रात जैसा नजारा हो गया।
इसके बाद कड़कड़ाती बिजली और बादलों की भीषण गर्जना के साथ शुरू हुई मूसलाधार बारिश कई घंटों तक लगातार बरसती रही। इस भयानक बारिश के चलते पूरा शहर जलमग्न हो गया और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया
बारिश का सबसे खौफनाक और परेशान करने वाला मंजर शहर के गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल के पास देखने को मिला। मात्र कुछ घंटों की तेज बारिश से स्कूल के मुख्य मार्ग और आसपास के इलाके में कमर तक पानी भर गया जब स्कूल की छुट्टी हुई, तो छात्राएं परिसर के बाहर का नजारा देखकर सहम गईं। चारों तरफ सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा था और बाढ़ जैसी स्थिति बन चुकी थी।
सड़क पर पानी का बहाव इतना तेज था कि छात्राओं के लिए पैदल निकलना नामुमकिन हो गया। कई साइकिलें और दोपहिया वाहन पानी के तेज करंट में डगमगाने लगे। स्थिति बिगड़ती देख स्थानीय नागरिक, राहगीर और स्कूल का स्टाफ तुरंत मदद के लिए आगे आया बताया जा रहा है कि पानी का स्तर इतनी तेजी से बढ़ा कि बच्चियों को संभलने का मौका ही नहीं मिला। स्थानीय युवाओं ने घुटनों और कमर तक भरे पानी में घुसकर, एक-दूसरे का हाथ पकड़कर मानव श्रृंखला बनाई और छात्राओं को सुरक्षित बाहर निकाला।
इस अचानक आई आफत ने नगर पालिका के ड्रेनेज सिस्टम की सफाई के दावों की हवा निकाल दी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर साल मानसून से पहले नालों की सफाई का दावा किया जाता है, लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस है।
गर्ल्स स्कूल जैसे संवेदनशील क्षेत्र में जलभराव की इस गंभीर स्थिति को लेकर लोगों में जिला प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। गनीमत रही कि स्थानीय लोगों की सूझबूझ से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन इस घटना ने भविष्य के लिए एक बड़ा सबक जरूर दे दिया है।
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