

Vikram Udyogpuri Pharma Unit : उज्जैन की विक्रम उद्योगपुरी में शनिवार को औद्योगिक विकास की दिशा में एक और कदम बढ़ा। प्लॉट नंबर-97 पर करीब 47 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित मेसर्स जे.के. लाइफकेयर सेंटर्स प्राइवेट लिमिटेड की फार्मास्युटिकल इकाई का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने किया। करीब 15,881 वर्गमीटर क्षेत्र में विकसित इस इकाई में सक्रिय औषधीय संघटक (API), फार्मास्युटिकल इंटरमीडिएट और विशिष्ट रसायनों का निर्माण किया जाएगा।
कंपनी के अनुसार नई इकाई में उत्पादन के साथ रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। उत्पादन प्रक्रिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीक और ग्रीन केमिस्ट्री तकनीक के इस्तेमाल की योजना है। फिलहाल परियोजना से करीब 40 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है। पूर्ण क्षमता से संचालन शुरू होने के बाद करीब 300 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है। इससे स्थानीय युवाओं को तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है।
उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने कहा कि भारत को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने में विनिर्माण, अनुसंधान और नवाचार की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने फार्मास्युटिकल क्षेत्र को मानव जीवन और स्वास्थ्य से सीधे जुड़ा बताते हुए गुणवत्ता, सुरक्षित उत्पादन, शोध और प्रशिक्षित कर्मचारियों को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास का लाभ स्थानीय समाज तक पहुंचना चाहिए और युवाओं को रोजगार के साथ कौशल विकास के अवसर भी मिलने चाहिए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जे.के. लाइफकेयर परिवार को नई इकाई के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि विक्रम उद्योगपुरी उज्जैन के बदलते औद्योगिक स्वरूप की पहचान बन रही है। मुख्यमंत्री ने उज्जैन की ऐतिहासिक और बौद्धिक परंपरा का उल्लेख करते हुए शहर में आधुनिक उद्योगों के विस्तार की संभावनाओं की बात कही। उन्होंने बताया कि विक्रम उद्योगपुरी में अब तक 66 इकाइयों को भूमि आवंटित की जा चुकी है, जिनमें 23 में उत्पादन शुरू हो चुका है। मेडिकल डिवाइस पार्क में भी 74 इकाइयों को भूमि आवंटित हुई है और 6 इकाइयों में उत्पादन शुरू हो चुका है।
विक्रम उद्योगपुरी फेज-2 में 21 परियोजनाओं के जरिए करीब 16,323 करोड़ रुपये के निवेश और लगभग 16,875 रोजगार सृजित होने की संभावना है। इनमें से 18 नई परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन की स्वीकृति दी गई है। प्रस्तावित परियोजनाओं में सेमीकंडक्टर पैकेजिंग, बड़े विद्युत ट्रांसफार्मर और ऑटोमोबाइल रबर नली निर्माण जैसी इकाइयां शामिल हैं। इन परियोजनाओं के जरिए फार्मास्युटिकल, मेडिकल डिवाइस, सेमीकंडक्टर, ऑटोमोबाइल, खाद्य प्रसंस्करण, रक्षा और ऊर्जा क्षेत्रों में उज्जैन जिले की औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार की दिशा में काम किया जा रहा है।