

CM Mohan Yadav Pays Tribute To Tribal Heroes: जबलपुर में जनजातीय महानायक अमर शहीद राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनजातीय महापुरुषों के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय नायकों के इतिहास, संस्कृति और बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लंबे समय तक जनजातीय समाज के महापुरुषों को वह स्थान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मिलीं। साथ ही छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय जैसे जनजातीय नेता मुख्यमंत्री बने हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय नायकों के सम्मान और उनके इतिहास को संरक्षित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है।
समारोह में मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से पहले राजा शंकर शाह ने गीतों और कविताओं के माध्यम से लोगों में आजादी की चेतना जगाई थी। उनके पुत्र रघुनाथ शाह ने भी इस अभियान को आगे बढ़ाया। दोनों ने अंग्रेजों के सामने झुकने से इनकार किया और अपने धर्म, संस्कृति तथा स्वाभिमान की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राजा शंकर शाह के गीतों ने जनता में नए जीवन का संचार किया। उन्होंने दमन के खिलाफ साहित्य और रचनात्मकता को हथियार बनाया। अंग्रेजों द्वारा धर्म परिवर्तन और अधीनता की शर्तें रखने के बावजूद उन्होंने आत्मसमर्पण नहीं किया। सीएम ने कहा कि दोनों जननायकों ने अपने अटूट संकल्प और साहस से आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का मार्ग प्रशस्त किया।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने राजा भभूत सिंह, राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह और रानी दुर्गावती जैसे महापुरुषों को पाठ्यक्रम में शामिल किया है। उन्होंने बताया कि सरकार जनजातीय महापुरुषों के जीवन पर फिल्म निर्माण जैसी योजनाओं को भी सहयोग देगी। मुख्यमंत्री ने सिकल सेल बीमारी के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाए गए अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि आदिवासी समाज के स्वास्थ्य और विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही हैं।