

Rahul Gandhi Chhatron Ki Goonj Indore: इंदौर में आयोजित राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में अलग-अलग मुद्दों को लेकर छात्रों ने मंच से अपनी बात रखी। किसी ने प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठाए, तो किसी ने कॉलेज में प्रवेश, हॉस्टल और शिक्षक भर्ती में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा सामने रखा। कार्यक्रम के बाद नवभारत लाइव ने इन छात्रों से बातचीत कर उनके मुद्दों और अनुभव को जाना।
छात्र किसान रंजीतवंशी ने मंच पर मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग यानी PSC और व्यापम से जुड़ी परीक्षाओं और छात्रों के सामने आने वाली समस्याओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया और अभ्यर्थियों की परेशानियों को लेकर अपनी बात राहुल गांधी के सामने रखी। नवभारत लाइव से बातचीत में भी उन्होंने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दे युवाओं के भविष्य पर सीधे असर डालते हैं।
तनय शर्मा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में एडमिशन से जुड़े मुद्दे को मंच पर रखा। उन्होंने छात्रों के लिए प्रवेश प्रक्रिया और उससे जुड़ी चुनौतियों पर अपनी बात राहुल गांधी के सामने रखी। नवभारत लाइव से चर्चा में तनय ने बताया कि उनके लिए यह मुद्दा छात्रों के शैक्षणिक भविष्य से जुड़ा है।
प्रियंका सेंगर ने छात्राओं के हॉस्टल से जुड़े मुद्दों को मंच से उठाया। उन्होंने हॉस्टल में रहने वाले छात्रों की सुविधाओं और उनकी परेशानियों को लेकर अपनी बात रखी। नवभारत लाइव से बातचीत में प्रियंका ने छात्रावासों में बेहतर सुविधाओं और छात्रों की समस्याओं पर ध्यान देने की जरूरत बताई।
दीप्ति सिंह ने शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया से जुड़े छात्रों और अभ्यर्थियों की चिंताओं को मंच से राहुल गांधी के सामने रखा। नवभारत लाइव से बातचीत में दीप्ति ने शिक्षक भर्ती से जुड़े अपने सवाल और युवाओं की अपेक्षाएं साझा कीं।
छात्रों से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा कोई लग्जरी नहीं, बल्कि छात्रों का अधिकार है। उन्होंने सिस्टम और शिक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी बात रखी। मंच पर इस दौरान विभिन्न उद्योगपतियों और नेताओं की तस्वीरें भी दिखाई गईं। राहुल गांधी ने अपने संबोधन में व्यवस्था पर प्रभावशाली लोगों के नियंत्रण का आरोप लगाया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेते हुए कहा कि सिस्टम उनके नेतृत्व में चल रहा है।