उज्जैन: 10 साल से सड़क का इंतजार, बारिश में दलदल बन जाता है रास्ता; ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल

Ujjain Road Problem: उज्जैन के तराना की बिसनखेड़ी मोगिया बस्ती में 10 साल से सड़क बदहाल है। करीब 2 किमी रास्ता बारिश में दलदल बन जाता है। लोग परेशान, ग्रामीणों ने प्रशासन से पक्की सड़क की मांग की।
Villagers Waiting For Road For 10 Years Ujjain
सड़क नहीं बनने से ग्रामीण परेशान(सोर्स- सोशल मीडिया)
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Villagers Waiting For Road For 10 Years Ujjain: उज्जैन की तराना तहसील के बिसनखेड़ी गांव की मोगिया आदिवासी बस्ती के लोग पिछले करीब 10 साल से सड़क की समस्या से जूझ रहे हैं। बस्ती में करीब 250 से 300 लोग रहते हैं, लेकिन यहां आने-जाने के लिए बनी कच्ची सड़क अब पूरी तरह बदहाल हो चुकी है। करीब 2 किलोमीटर का यह रास्ता बारिश के दौरान कीचड़ और दलदल में बदल जाता है।

बस्ती में रहने वाले एक सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक ने बताया कि उनकी 90 साल से अधिक उम्र की बुजुर्ग मां बीमार हैं। खराब सड़क के कारण वाहन चालक बस्ती तक आने से मना कर देते हैं। ऐसे में परिवार को कई बार पैदल ही बुजुर्ग मां को देखने और इलाज के लिए ले जाने की व्यवस्था करनी पड़ती है। उनका कहना है कि सड़क की समस्या के कारण बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है।

10 साल पहले मनरेगा से बनी थी कच्ची सड़क

ग्रामीणों के मुताबिक करीब 10 साल पहले ग्राम पंचायत की ओर से मनरेगा के तहत कच्ची सड़क बनाई गई थी। समय के साथ सड़क पूरी तरह खराब हो गई। बारिश में जगह-जगह गड्ढे और कीचड़ होने से पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। ग्रामीण लंबे समय से यहां पक्की सड़क बनाने की मांग कर रहे हैं।

विधायक से लेकर सांसद तक सब को कराया समस्या से अवगत

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की समस्या को लेकर स्थानीय विधायक, जिला पंचायत सदस्य और सांसद अनिल फिरोजिया को भी अवगत कराया गया है। ग्रामीणों के अनुसार सांसद की ओर से सड़क निर्माण के लिए कुछ राशि स्वीकृत कराने का आश्वासन दिया गया है।

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जनपद पंचायत में दिया आवेदन

सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों की ओर से जनपद पंचायत तराना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को आवेदन भी दिया गया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बारिश के कारण स्थिति और खराब होने से पहले सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि बस्ती के करीब 250 से 300 लोगों को आवागमन, शिक्षा और इलाज के लिए होने वाली परेशानी से राहत मिल सके।ग्रामीणों का कहना है कि 10 साल से वे सड़क का इंतजार कर रहे हैं, अब उन्हें सिर्फ आश्वासन नहीं बल्कि सड़क निर्माण का इंतजार है।

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