

Ujjain University Students Angry Over Poor Renovation: उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के भर्तृहरि हॉस्टल में हाल ही में कराए गए रिनोवेशन कार्य की गुणवत्ता पहली ही बारिश में सवालों के घेरे में आ गई है। लाखों रुपये खर्च कर इमारत को चमकाने के बाद अब बारिश होते ही छत से पानी टपक रहा है।
कमरों की दीवारों पर भीषण सीलन फैल गई है, जिससे विद्यार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दूर-दराज से पढ़ाई के लिए आए छात्र किताबें और सामान भीगने से बचाने के साथ-साथ कमरों से पानी निकालने को मजबूर हैं।
हॉस्टल में सिर्फ पानी और सीलन की समस्या ही नहीं है, बल्कि साफ-सफाई की व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। छात्रों के मुताबिक परिसर में नियमित सफाई के लिए कोई कर्मचारी तैनात नहीं है, जिसके चलते जगह-जगह गंदगी पसरी हुई है। वहीं हॉस्टल की देखरेख की जिम्मेदारी संभालने वाले वार्डन के भी नियमित रूप से मौजूद नहीं रहने की शिकायत सामने आई है। छात्रों का कहना है कि फीस के रूप में सालाना 9,600 रुपये लिए जाने के बावजूद उन्हें बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं।
हॉस्टल की बदहाली के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विद्यार्थियों में नाराजगी है। छात्रों के अनुसार, बीते दिनों परिसर में बाहरी असामाजिक तत्वों के घुसने और एक छात्र के साथ मारपीट करने की घटना सामने आई थी। इसके बाद हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के बीच डर का माहौल है। छात्रों का आरोप है कि मुख्य प्रवेश द्वार पर पर्याप्त निगरानी नहीं है और परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे भी ठीक तरह से संचालित नहीं हो रहे हैं। इससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मामले पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु अर्पण भारद्वाज ने कहा कि भर्तृहरि हॉस्टल का रिनोवेशन कार्य बिल्डिंग डेवलपमेंट कॉरपोरेशन द्वारा कराया गया था। पहली बारिश में सामने आई लीकेज की तस्वीरें संबंधित विभाग के अधिकारियों को भेज दी गई हैं और जल्द सुधार के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उन्होंने बताया कि कर्मचारियों के चयन के लिए सेडमैप को पत्र लिखा जा चुका है और प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा। अब छात्रों को इंतजार है कि उन्हें राहत कब तक मिलती है।