

Highlights:
उज्जैन के तीन बत्ती चौराहे पर 15 वर्षीय छात्रा पर कुत्तों ने किया हमला।
कुत्तों ने छात्रा के पैरों पर कई जगह काटा।
सड़क पर घायल छात्रा को देखकर राहगीर ने पहुंचाया अस्पताल।
Ujjain Stray Dog Attack On Student : उज्जैन में आवारा कुत्तों का आतंक बच्चों और राहगीरों के लिए खतरा बनता जा रहा है। सोमवार सुबह कोचिंग जा रही 15 वर्षीय छात्रा ख्याति पर तीन बत्ती चौराहे के पास कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। कुत्तों ने उसके पैरों को कई जगह काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया।
सड़क पर घायल पड़ी छात्रा को देखकर राहगीर मुकेश लश्करी ने तत्काल उसे चरक अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद परिजनों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। छात्रा के पिता ने कलेक्टर को शिकायत करने की बात कही है।
जानकारी के अनुसार, ख्याति पिता राकेश खत्री निवासी सुभाष नगर, नागदा कक्षा 11वीं की छात्रा है। वह सोमवार सुबह ट्रेन से गुना से उज्जैन पहुंची थी। माधवनगर रेलवे स्टेशन से वह पैदल इंदौर रोड स्थित अपनी कोचिंग के लिए जा रही थी। इसी दौरान तीन बत्ती चौराहे के पास अचानक आवारा कुत्तों के झुंड ने उसे घेर लिया। छात्रा कुछ समझ पाती, उससे पहले ही कुत्तों ने उसके पैरों पर हमला कर दिया।
उज्जैन में कुत्तों का हमला किए जाने के बाद छात्रा के पैरों पर कई जगह चोटें आईं। इसी दौरान वहां से गुजर रहे मुकेश लश्करी की नजर उस पर पड़ी। उन्होंने बिना देर किए घायल छात्रा को चरक अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उसका उपचार किया। घटना की जानकारी मिलने के बाद छात्रा के माता-पिता भी शाम को उज्जैन पहुंचे। परिजनों ने शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या पर नाराजगी जताई है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर के कई इलाकों में आवारा कुत्तों के झुंड सक्रिय हैं। सुबह स्कूल और कोचिंग जाने वाले बच्चों के अलावा बुजुर्गों और राहगीरों को भी इनसे खतरा बना रहता है। लोगों का आरोप है कि नगर निगम में बार-बार शिकायतें करने के बावजूद समस्या पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। कई बार कुत्तों के झुंड लोगों के पीछे दौड़ते हैं, जिससे सड़क हादसों का खतरा भी बना रहता है।
छात्रा के पिता राकेश खत्री ने बताया कि आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर पहले भी शिकायत की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि उज्जैन नगर निगम की कार्यप्रणाली के खिलाफ कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपेंगे। इस संबंध में सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई गई है। परिजनों की मांग है कि तीन बत्ती चौराहे सहित उन इलाकों में तत्काल कार्रवाई की जाए, जहां कुत्तों के झुंड लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं।
15 वर्षीय छात्रा पर हुए इस हमले ने एक बार फिर उज्जैन में आवारा कुत्तों की समस्या को चर्चा में ला दिया है। सवाल यह है कि जब शहर में लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं, तो नगर निगम की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और नियंत्रण के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस घटना के बाद कितनी गंभीरता से कार्रवाई करता है।