उज्जैन नगर निगम में हड़कंप: कांग्रेस पार्षद राजेंद्र कुंवाल पर लगा ग्रीन बेल्ट और गार्डन की जमीन दबाने का आरोप

Congress Councillor Encroachment Allegations: उज्जैन के महावीर नगर में करोड़ों की ग्रीन बेल्ट जमीन पर विवाद बढ़ गया है। राजेंद्र कुंवाल पर अवैध कब्जे के आरोप लगे हैं जिसकी जांच राजस्व विभाग कर रहा है।
Ujjain Green Belt Land Dispute Congress Councillor Encroachment Allegations
शिकायतकर्ता लक्ष्मण सिंह शेखावत (सोर्स- नवभारत)
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Ujjain Mahavir Nagar Land Dispute: उज्जैन के वार्ड क्रमांक 45 स्थित महावीर नगर गृह निर्माण सहकारी संस्था की ग्रीन बेल्ट और गार्डन की जमीन पर कथित अतिक्रमण को लेकर विवाद गहरा गया है। मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचे शिकायतकर्ता लक्ष्मण सिंह शेखावत ने कांग्रेस पार्षद राजेंद्र कुंवाल पर करोड़ों रुपये मूल्य की सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा करने और पक्का निर्माण कराने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की।

शेखावत ने कलेक्टर को दिए आवेदन में कहा कि संबंधित भूमि ग्रीन बेल्ट और गार्डन के लिए आरक्षित है तथा नगर निगम को हैंडओवर की जा चुकी है। इसके बावजूद वहां निर्माण कार्य किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भूमि से जुड़े दस्तावेजों, वसीयत और नामांतरण की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।

आरोपों को कांग्रेस पार्षद ने सिरे से नकारा

वहीं, इन आरोपों को कांग्रेस पार्षद राजेंद्र कुंवाल ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता वर्षों से उनके खिलाफ शिकायतें करता आ रहा है और यह पूरी तरह व्यक्तिगत द्वेष से प्रेरित मामला है। कुंवाल ने दावा किया कि संबंधित भूमि उनका निजी प्लॉट है और उनके पास नामांतरण, खसरा तथा न्यायालय के आदेश सहित सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि जिस वसीयत का जिक्र किया जा रहा है, उसकी जांच राजस्व विभाग पहले से कर रहा है और वे जांच में पूरा सहयोग करने को तैयार हैं।

पार्षद ने कब्जे के आरोपों को भी बताया निराधार

कांग्रेस पार्षद ने यह भी कहा कि जिस सर्वे नंबर की भूमि को लेकर शिकायत की जा रही है, उसी सर्वे नंबर पर उनका प्लॉट दर्ज है। उन्होंने गार्डन की जमीन पर कब्जे के आरोपों को भी निराधार बताया और कहा कि रिकॉर्ड में स्पष्ट रूप से भूमि की स्थिति दर्ज है।

शिकायतकर्ता पहले से ही उनकी संपत्ति पर नजर रखे हुए है- पार्षद

राजेंद्र कुंवाल ने आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता पहले से ही उनकी संपत्ति पर नजर रखे हुए है और लगातार शिकायतों के माध्यम से उन्हें परेशान करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि झूठे आरोप लगाने का सिलसिला जारी रहा तो वे मामले को लेकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।

फिलहाल यह पूरा मामला प्रशासन और राजस्व विभाग के संज्ञान में है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित भूमि निजी स्वामित्व की है या सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित ग्रीन बेल्ट एवं गार्डन क्षेत्र का हिस्सा है।

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