

Vande Mataram Controversy: वंदे मातरम के अपमान मामले में लोगों के बढ़ते विरोध पर पुलिस ने कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख और रुबीना इकबाल पर एक्शन ले लिया है। एमजी रोड थाना पुलिस ने दोनों पार्षदों के खिलाफ पहली एफआईआर दर्ज कर ली है। मध्य प्रदेश में बुधवार को इंदौर नगर निगम में बजट पर चर्चा के दौरान कांग्रेस पार्षदों ने वंदे मातरम गाने से इनकार कर दिया था। अध्यक्ष मुन्नालाल यादव के निर्देश पर पार्षदों के द्वारा राष्ट्रगान को अनिवार्य रूप से गाने के मामले में अधिनियम दिखाने की मांग की गई थी।
इस पर नाराज भाजपा पार्षदों ने अध्यक्ष सीट के पास नारे लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी। मामला बढ़ता देख अध्यक्ष ने फौजिया को सदन छोड़ने का निर्देश दे दिया। सदन की कार्यवाही समाप्त होने के बाद रुबीना इकबाल ने मीडिया से बातचीत में कहा, कि हम किसी की धमकियां नहीं सुनते।
सदन की कार्यवाही समाप्त होने के बाद भाजपा पार्षदों ने एमजी रोड थाना जाकर शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की जानकारी देते हुए एसीपी विनोद दीक्षित ने बताया कि पार्षदों के शिकायत के बाद मामले की जांच की जा रही है। पार्षद फौजिया शेख बयान सोमवार को दर्ज कर लिए गए थे और मंगलवार को पार्षद रूबिना इकबाल के बयान दर्ज किया गया। साथ ही मामले को लेकर सवाल-जवाब भी किया गया।
पार्षद रूबीना इकबाल ने अपने विवादित बयान ‘किसी के बाप में दम तो हो’ वाले बयान पर मैं माफी मांग ली है। फौजिया शेख ने संविधान का हवाला देते हुए पुलिस को बताया कि भारत का संविधान उन्हें (मुसलमानों) धार्मिक स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आजादी देता है। संविधान के अनुसार, किसी को जबरन कोई गीत गाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है। जब वो सदन में गंदे पानी और जनता के मुद्दों पर बात कर रही थीं, तो भाजपा पार्षदों ने जानबूझकर वंदे मातरम का मुद्दा उठाकर ध्यान भटकाने की कोशिश की।
दोनों पार्षदों के खिलाफ बीएनएस की धारा 196/1 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले पर जानकारी देते हुए एसीपी दीक्षित ने बताया कि भाजपा पार्षदों के शिकायत और वायरल वीडियो की जांच के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एमजी रोड पुलिस ने कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल और फौजिया शेख के खिलाफ बुधवार को मुकदमा दर्ज कर लिया है।
वंदे मातरम गाने पर हुए विवाद को लेकर प्रदेश के मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने एक्स पर पोस्ट किया। पोस्ट में कांग्रेस पार्षद को निशाने पर लेते हुए उन्होनें कहा कि इस देश में वंदे मातरम का अपमान कोई नहीं कर पाएगा। ये वह तरंग है जिसे गाकर इस देश के अमर शहीदों ने देश को स्वतंत्र किया। ये वंदे मातरम का अपमान नहीं है बल्कि देश के शहीदों का अपमान है। जो इसका अपमान करेगा वह देश में रहने लायक नहीं है। अभी तो सिर्फ FIR हुई है, और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।