

Assault Allegation At Mahakal temple: उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन करने ग्वालियर से आए एक परिवार के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। गृह मंत्रालय में पदस्थ सीनियर अकाउंटेंट योगेश साहू अपने परिवार के साथ मंगलवार को उज्जैन पहुंचे थे। परिवार में उनकी पत्नी, बहन और अन्य सदस्य शामिल थे। आरोप है कि मंदिर क्षेत्र में प्रसाद और फूल की दुकान संचालकों से विवाद के बाद 4-5 लोगों ने परिवार के सदस्यों के साथ हाथापाई की। घटना में महिलाओं सहित कई लोगों को चोटें आने की बात सामने आई है।
योगेश साहू के अनुसार, मंदिर क्षेत्र में प्रसाद की दुकानों पर बैग रखने के बहाने उन्हें दुकान पर बुलाया गया। दुकानदारों ने बैग रखने के बदले प्रसाद खरीदने के लिए कहा। परिवार ने करीब 100 से 150 रुपए का प्रसाद खरीदा और वहां से आगे बढ़ने लगा। आरोप है कि इसके बाद दुकान संचालकों ने परिवार से और प्रसाद व सामान खरीदने के लिए दबाव बनाया। परिवार द्वारा मना करने पर विवाद बढ़ गया।
परिवार का आरोप है कि दुकानदार पक्ष के 4-5 लोग उनके पीछे आए और उनके साथ हाथापाई करने लगे। इस दौरान खरीदा हुआ प्रसाद भी छीनने का आरोप लगाया गया है। योगेश साहू के अनुसार, उनके गाल पर थप्पड़ मारा गया। वहीं अंकिता साहू के कोहनी में चोट आई है। ओमप्रकाश साहू, हर्ष देवी साहू और अंजली साहू के साथ भी धक्का-मुक्की होने की बात सामने आई है।
परिवार के अनुसार, घटना के दौरान नेहा कुमारी शाह नाम की एक गर्भवती महिला के साथ भी धक्का-मुक्की हुई। इससे परिवार में घबराहट का माहौल बन गया। पीड़ित परिवार का कहना है कि महाकाल मंदिर जैसे धार्मिक स्थल पर दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के साथ इस तरह का व्यवहार बेहद गंभीर है। उन्होंने प्रशासन से श्रद्धालुओं को परेशान करने और विवाद करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
घटना के बाद योगेश साहू परिवार के साथ महाकाल थाने पहुंचे और पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। शिकायत के बाद उज्जैन पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी जांची जा रही है। परिवार का कहना है कि जागरूक होने के कारण वे पुलिस तक पहुंच सके, लेकिन कई श्रद्धालु ऐसी घटनाओं का विरोध नहीं कर पाते। अब उनकी मांग है कि मंदिर क्षेत्र में प्रसाद और फूल बेचने के नाम पर श्रद्धालुओं पर दबाव बनाने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए।