

Highlights:
उज्जैन के प्रसिद्ध खड़े हनुमान जी फिर चर्चा में।
प्रतिमा की गहराई मापने पहुंची विशेषज्ञों की टीम।
जांच प्रक्रिया के दौरान मशीनों के खराब होने की खबर।
सोशल मीडिय पर लगाए जा रहे तरह-तरह के कयास।
Ujjain Khade Hanuman Temple Controversy : उज्जैन शहर के प्रसिद्ध खड़े हनुमान जी मंदिर में प्रतिमा की गहराई की जांच को लेकर नया विवाद सामने आया है। सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मंदिर पहुंची और प्रतिमा की गहराई मापने की प्रक्रिया शुरू की।
प्रक्रिया के दौरान इस्तेमाल की जा रही मशीन में खराबी आने और मशीनें बंद होने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं और लोग इसे चमत्कार बता रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, एसडीएम एलएन गर्ग के नेतृत्व में उज्जैन नगर निगम, पुलिस प्रशासन और भोपाल से आई आठ सदस्यीय तकनीकी टीम मंदिर पहुंची थी। टीम का उद्देश्य मंदिर में स्थापित खड़े हनुमान जी की प्रतिमा की गहराई की जांच करना था।
प्रतिमा की गहराई जांचने के लिए विशेष मशीनों और तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि जांच के दौरान मशीन में तकनीकी खराबी आई, जिसके चलते जांच प्रक्रिया प्रभावित हुई। हालांकि, मशीन खराब होने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
खड़े हनुमान की प्रतिमा की जांच के दौरान के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद मामला चर्चा में आ गया। लोगों ने सवाल उठाए कि धार्मिक स्थल पर इस तरह की जांच आधी रात को क्यों की गई? जब जांच दिन के समय भी कराई जा सकती थी, तो प्रशासन को रात का समय चुनने की आवश्यकता क्यों पड़ी? मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर भी नाराजगी देखने को मिली।
विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल के जिला अध्यक्ष राजेश आंजना ने आधी रात को जांच किए जाने पर आपत्ति जताई। वहीं भाजपा पार्षद शिवेंद्र तिवारी ने भी कार्रवाई के समय पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह की जांच दिन में भी कराई जा सकती थी। इस मामले में प्रशासन की कार्रवाई को लेकर अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
फिलहाल मशीनों में खराबी आने और जांच के वास्तविक निष्कर्षों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। प्रशासन की ओर से भी इस संबंध में आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। अब सभी की नजर तकनीकी रिपोर्ट और प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है। जांच पूरी होने के बाद ही प्रतिमा की गहराई और मशीनों में आई कथित खराबी को लेकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।