उज्जैन के खड़े हनुमान पहुंचे संत बम-बम भोला, बोले- AI और ड्रोन के दौर में भी हनुमान सबसे ऊपर, प्रतिमा न हटे

Sant Bam Bam Bhola Ujjain: संत बम-बम भोला ने खड़े हनुमान के दर्शन कर हनुमान चालीसा का पाठ किया। बोले- विकास जरूरी है लेकिन धर्म और आस्था की नींव से खिलवाड़ न हो। खड़े हनुमान की प्रतिमा यथास्थान रहे।
Sant Bam Bam Bhola visits Khade Hanuman in Ujjain
संत बम-बम भोला ने खड़े हनुमान मंदिर के किए दर्शन(सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Sant Bam Bam Bhola Visits Khade Hanuman: उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर में बुधवार को भी भक्तों का तांता लगा रहा। मंदिर में स्थापित प्रतिमा को हटाए जाने को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। इसी बीच स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ देश के अलग-अलग हिस्सों से संत, महंत और साधु-संत भी लगातार खड़े हनुमान के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। लोग हनुमान जी के दर्शन कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं और प्रतिमा के यथास्थान रहने की प्रार्थना कर रहे हैं।

बुधवार को प्रसिद्ध संत ‘बम-बम भोला’ भी खड़े हनुमान मंदिर पहुंचे। उन्होंने मंदिर में दर्शन कर हनुमान जी का आशीर्वाद लिया और हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान वे भक्ति में लीन नजर आए। मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं ने भी संत के साथ हनुमान चालीसा का पाठ किया। दर्शन के बाद मीडिया से चर्चा में संत ने कहा कि सनातन धर्म और धार्मिक परंपराओं को बचाए रखने के लिए सभी को प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन विकास के साथ धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक परंपराओं का संरक्षण भी होना चाहिए।

‘विज्ञान और धर्म की लड़ाई नहीं’

संत बम-बम भोला ने कहा कि विज्ञान और धर्म के बीच किसी तरह की लड़ाई नहीं है। आज एआई और ड्रोन का समय है, लेकिन हनुमान जी इन आधुनिक तकनीकों से ऊपर सनातन आस्था और परंपरा के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक विकास मॉडल में इतिहास और संस्कारों की जड़ों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, धर्म समाज की नींव है और इसके साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। उन्होंने खड़े हनुमान की प्रतिमा को यथास्थान रखने की बात कही और कहा कि विकास कार्यों के दौरान धार्मिक भावनाओं का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

‘खड़े हनुमान यहीं रहें’

संत ने कहा कि खड़े हनुमान केवल एक प्रतिमा नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था और सनातन परंपरा से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि शहर को आधुनिक और स्मार्ट बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन इसके साथ अपनी मूल धार्मिक और सांस्कृतिक जड़ों को सुरक्षित रखना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि विकास और धर्म को आमने-सामने खड़ा करने के बजाय दोनों के बीच संतुलन बनाया जाना चाहिए। संत ने स्पष्ट रूप से कहा कि खड़े हनुमान मंदिर की प्रतिमा को हटाया नहीं जाना चाहिए।

Sant Bam Bam Bhola visits Khade Hanuman in Ujjain
10 करोड़ के टेंडर में फर्जीवाड़ा: FIR के बाद गिरफ्तारी और कुर्की कब? एमपी के मंत्री ने कहा- दोषी बचेगा नहीं

शाही मस्जिद को लेकर भी दिया बयान

मीडिया से चर्चा के दौरान संत बम-बम भोला ने खड़े हनुमान मंदिर के सामने स्थित शाही मस्जिद का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने मस्जिद को अतिक्रमण बताते हुए मुस्लिम समाज से भाईचारे का परिचय देने और इसे हटाने की अपील की। संत के इस बयान के बाद खड़े हनुमान मंदिर का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। फिलहाल प्रतिमा को लेकर उज्जैन शहर प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई और तकनीकी प्रक्रिया के संबंध में स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है। इस बीच मंदिर में श्रद्धालुओं और संतों के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com