Highlights :
सिंहस्थ क्षेत्र में अवैध निर्माणों पर कार्रवाई जारी।
भाजपा पार्षद शिवेंद्र तिवारी ने जांच की मांग की।
निर्माण के समय तैनात अधिकारियों की भूमिका पर सवाल।
2022 के MIC ठहराव का पत्र में हवाला।
कथित अवैध कॉलोनाइजरों पर भी कार्रवाई की मांग।
Ujjain Singhastha 2028 Illegal Construction : सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच उज्जैन में मेला क्षेत्र के अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई जारी है। इस बीच भाजपा पार्षद शिवेंद्र तिवारी ने कार्रवाई के साथ संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच करने की मांग उठाई है।
उन्होंने महापौर, नगर निगम आयुक्त, संभागायुक्त और उज्जैन उत्तर विधायक को पत्र लिखकर कहा कि किसी भी निर्माण को पूरा होने में समय लगता है। ऐसे में ये जांच जरूरी है कि निर्माण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों ने उन्हें रोकने के लिए क्या कदम उठाए थे।
शिवेंद्र तिवारी ने सवाल उठाया कि यदि मेला क्षेत्र में निर्माण नियमों के विरुद्ध हो रहे थे तो शुरुआती स्तर पर ही कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने मांग की कि जिस अवधि में ये निर्माण हुए उस दौरान संबंधित पदों पर तैनात अधिकारियों की पहचान कर उनकी भूमिका की जांच की जाए। पार्षद का कहना है कि अवैध निर्माणों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जरूरी है लेकिन इसके साथ निगरानी व्यवस्था और कथित लापरवाही की भी पड़ताल होनी चाहिए।
पार्षद ने अपने पत्र में 23 नवंबर 2022 के MIC ठहराव क्रमांक 64 और नगर पालिक निगम अधिनियम की धारा 292 का उल्लेख किया है। उन्होंने संबंधित प्रावधानों के पालन की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। उनका कहना है कि मेला क्षेत्र में निर्माणों पर कार्रवाई करते समय केवल मौजूदा स्थिति नहीं बल्कि निर्माण की पूरी प्रक्रिया और उस दौरान प्रशासनिक स्तर पर निभाई गई जिम्मेदारियों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। उन्होंने तथ्यों के आधार पर जवाबदेही तय करने पर जोर दिया है।
शिवेंद्र तिवारी ने मंदिरों,आश्रमों और धर्मशालाओं से जुड़े मामलों में भी उचित समाधान तलाशने की बात कही है। उनका कहना है कि कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए लेकिन धार्मिक और सामाजिक महत्व वाले परिसरों के मामलों में नियमों के दायरे में रहते हुए सम्मानजनक रास्ते पर भी विचार किया जाना चाहिए। सिंहस्थ 2028 जैसे बड़े धार्मिक आयोजन को देखते हुए मेला क्षेत्र की व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करना प्रशासन के सामने महत्वपूर्ण चुनौती है।
पार्षद ने सिंहस्थ क्षेत्र में कथित अवैध कॉलोनियां काटने और जमीन बेचने वालों की भूमिका की जांच की मांग भी की है। उन्होंने कहा कि यदि लोगों को जमीन बेचकर वहां निर्माण के लिए प्रेरित किया गया है, तो संबंधित जमीन विक्रेताओं की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। उन्होंने निर्माण करने वालों के साथ जमीन बेचने वालों और निर्माण रोकने में कथित लापरवाही से जुड़े अधिकारियों की भूमिका की जांच पर जोर दिया है। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी इस पत्र में उठाए गए मुद्दों पर क्या कार्रवाई करते हैं।