

Ujjain Cremation Ground Viral Video: धार्मिक नगरी उज्जैन के चक्रतीर्थ श्मशान घाट से सामने आए एक कथित वीडियो ने सनसनी फैला दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहे वीडियो में खुद को अघोरी साधु बताने वाली कालीनंद गिरी जलती चिता के पास तलवार लेकर जाती दिखाई दे रही है। वीडियो में शव के साथ कथित तौर पर अमर्यादित कृत्य किए जाने का दावा किया जा रहा है। मामला सामने आने के बाद अंतिम संस्कार के लिए चक्रतीर्थ पहुंचने वाले लोगों और स्थानीय श्रद्धालुओं में आक्रोश देखने को मिला है। लोगों ने श्मशान घाट की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ाने की मांग की है।
बताया जा रहा है कि आरोपी महिला से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। वीडियो में तांत्रिक क्रिया के नाम पर जलती चिता के आसपास कथित गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। इस मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं कि आखिर श्मशान घाट जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह की गतिविधियों को कैसे अंजाम दिया गया। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस अब वीडियो और उससे जुड़े तथ्यों की जांच में जुटी है।
मामले में कालभैरव घाट निवासी फरियादी तांत्रिक विष्णुनाथ ने जीवाजीगंज थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में इंस्टाग्राम पर सामने आए वीडियो का हवाला देते हुए कार्रवाई की मांग की गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी कालीनंद गिरी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 301 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस अब शिकायत में बताए गए तथ्यों के साथ-साथ वायरल वीडियो की सत्यता और घटना के स्थान की भी जांच कर रही है।
जीवाजीगंज थाना प्रभारी प्रतीक शर्मा ने बताया कि फरियादी विष्णुनाथ द्वारा थाने पर सूचना दी गई थी कि उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो देखा है। इसमें खुद को अघोरी साधु बताने वाली कालीनंद गिरी द्वारा चक्रतीर्थ श्मशान घाट में चिता पर रखे शव के साथ कथित तौर पर अशोभनीय कृत्य किए जाने की जानकारी दी गई। शिकायत के आधार पर बीएनएस की धारा 301 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी की गिरफ्तारी और आवश्यक सामग्री की जब्ती के लिए टीम रवाना की गई है।
घटना के बाद चक्रतीर्थ श्मशान घाट की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील स्थल पर इस तरह की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी जरूरी है। पुलिस अब आरोपी की तलाश के साथ वीडियो की जांच, घटना से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी और पूरे मामले के तथ्यों को जुटाने में लगी है। फिलहाल पुलिस कार्रवाई के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही गतिविधियां कब और किन परिस्थितियों में हुईं।