

Ujjain Maya Trivedi Death : उज्जैन में ब्राह्मण समाज की वरिष्ठ सदस्या, वार्ड क्रमांक 22 की पार्षद और कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री माया त्रिवेदी (58) का मंगलवार रात आकस्मिक निधन हो गया। वे कांग्रेस नेता पंडित राजेश त्रिवेदी की धर्मपत्नी थीं। भोजन के कुछ देर बाद अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा। परिजन उन्हें तत्काल निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों के प्रयास के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक, सामाजिक और ब्राह्मण समाज में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोग उनके निवास पर पहुंचकर परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते रहे।
माया त्रिवेदी के निधन की सूचना मिलने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उनके निवास पहुंचे। उन्होंने पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त की। इस दौरान शहर के जनप्रतिनिधि, कांग्रेस कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग और ब्राह्मण समाज के सदस्य मौजूद रहे। विभिन्न दलों के नेताओं से माया त्रिवेदी के लंबे समय से संबंध रहे थे। उनके निधन को शहर के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है।
माया त्रिवेदी वार्ड क्रमांक 22 से लगातार तीसरी बार पार्षद चुनी गई थीं। स्थानीय राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ थी और वे क्षेत्र की समस्याओं को लेकर मुखर रहती थीं। बेबाक और स्पष्टवादी कार्यशैली के कारण उन्होंने राजनीतिक क्षेत्र में अलग पहचान बनाई थी। कांग्रेस संगठन से जुड़ी गतिविधियों के साथ-साथ वे सामाजिक कार्यक्रमों में भी सक्रिय रहती थीं। पति पंडित राजेश त्रिवेदी के साथ उन्होंने कांग्रेस की राजनीति और ब्राह्मण समाज से जुड़े विभिन्न सामाजिक कार्यों में लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभाई।
माया त्रिवेदी ने उज्जैन जिले के उत्तर विधानसभा क्षेत्र से दो बार चुनाव भी लड़ा था। वर्ष 2018 में वे निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरी थीं और उनका मुकाबला भाजपा के पारस जैन से हुआ था। इसके बाद वर्ष 2023 में कांग्रेस ने उन्हें उज्जैन उत्तर से अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाया। इस चुनाव में उनका मुकाबला भाजपा के अनिल जैन कालूहेड़ा से हुआ। विधानसभा चुनाव लड़ने के अलावा वे लगातार स्थानीय स्तर पर लोगों के बीच सक्रिय रहीं और वार्ड की राजनीति में अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखी।
बुधवार सुबह कांग्रेस नेता माया त्रिवेदी की अंतिम यात्रा उनके कार्तिक चौक स्थित निवास से निकली। इसमें राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, ब्राह्मण समाज के लोगों, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में शहरवासियों ने शामिल होकर उन्हें अंतिम विदाई दी। अंतिम यात्रा के दौरान माहौल गमगीन रहा। इसके बाद शिप्रा तट स्थित चक्रतीर्थ पर माया त्रिवेदी का अंतिम संस्कार किया गया। उनके निधन से परिवार, समर्थकों और शुभचिंतकों में गहरा शोक है।