

Guna Collector Meet Elderly Woman : गुना में एक बुजुर्ग महिला की पीड़ा सुनने के लिए गुना में प्रशासनिक अधिकारियों ने संवेदनशीलता की मिसाल पेश की। महिला अपनी समस्या लेकर प्रशासन के पास पहुंची तो उसे जमीन पर बैठा देखकर कलेक्टर खुद उसके पास जमीन पर बैठ गए और आत्मीयता से उसकी पूरी बात सुनी। इसके बाद जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक दुबे और एसडीएम शिवानी पांडे ने भी महिला के पास बैठकर उसकी समस्या जानी और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
बुजुर्ग महिला जब अपनी समस्या लेकर प्रशासन के सामने पहुंची तो वह जमीन पर बैठी थी। महिला की स्थिति देखकर कलेक्टर ने भी अपनी कुर्सी छोड़कर उसके पास जमीन पर बैठकर बातचीत की। उन्होंने महिला की पूरी बात ध्यान से सुनी और उसकी समस्या को गंभीरता से समझने का प्रयास किया। कलेक्टर के इस व्यवहार ने मौके पर मौजूद लोगों का ध्यान खींचा।
गुना कलेक्टर के बाद जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक दुबे ने भी बुजुर्ग महिला से उसकी समस्या के बारे में जानकारी ली। उन्होंने भी महिला के पास जमीन पर बैठकर उसकी परेशानी सुनी। अधिकारी ने मामले को समझते हुए आवश्यक कार्रवाई के संबंध में जानकारी ली और महिला को मदद का भरोसा दिया।
इसके बाद एसडीएम शिवानी पांडे ने भी बुजुर्ग महिला से मुलाकात की। उन्होंने महिला की परेशानी सुनी और भरोसा दिलाया कि प्रशासन उसकी हरसंभव मदद करेगा। एसडीएम ने महिला को चाय और खाना भी खिलाया। इस दौरान प्रशासन और बुजुर्ग महिला के बीच आत्मीयता का माहौल नजर आया।
इस पूरे घटनाक्रम की सबसे खास तस्वीर यह रही कि प्रशासन के अलग-अलग स्तर के अधिकारी बुजुर्ग महिला के पास जमीन पर बैठकर उसकी बात सुनते नजर आए। कलेक्टर से लेकर जिला पंचायत CEO और SDM तक ने महिला की समस्या को गंभीरता से लिया। अधिकारियों के इस व्यवहार से यह संदेश गया कि जरूरतमंद की समस्या सुनने में पद और कुर्सी से ज्यादा संवेदनशीलता मायने रखती है।
बुजुर्ग महिला की फरियाद सुनने के बाद अधिकारियों ने उसे हरसंभव मदद का भरोसा दिया। महिला के लिए गुना जिला प्रशासन का यह रवैया राहत देने वाला रहा। पूरे घटनाक्रम में अधिकारियों की संवेदनशीलता और मानवीय व्यवहार की तस्वीर सामने आई, जहां एक बुजुर्ग मां की परेशानी को सुनने के लिए प्रशासन उसके पास जमीन पर बैठा और उसकी मदद का भरोसा दिलाया।